आज से सांसदों और विधायकों को घेरेंगे UPSC छात्र
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सी-सैट मामले में सरकार और दिल्ली पुलिस के रवैये से गुस्साए यूपीएससी के परीक्षार्थी अब किताबों को छोड़कर बुधवार से सड़कों पर विधायकों और सांसदों का घेराव करेंगे।
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी वह आंदोलन करते रहेंगे। इसकी शुरुआत पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह के घेराव से होगी। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने छात्रों को जंतर-मंतर पर मंच बनाने की अनुमति दे दी है।
आंदोलन के लिए छात्रों ने एक कमेटी बनाई है। इसका कंट्रोल रूम दिल्ली में बनाया गया है। जहां से देश के सभी राज्यों से संपर्क स्थापित किया जाएगा। छात्रों ने फैसला किया है कि बुधवार को इलाहाबाद, वाराणसी, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा और राजस्थान में एक साथ आवाज बुलंद करेंगे।
सी-सैट रोल बैक संग पांच मांगों का डिमांड ड्राफ्ट तैयार
छात्र अधिकार मंच के अनूप सिंह के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के निवास स्थान पर मंगलवार देर शाम यूपीएससी परीक्षार्थियों का प्रतिनिधिमंडल सी-सैट मामले पर बात करने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने आक्रामक रुख दिखाते हुए उनकी बात सुने बगैर जबरदस्ती बसों में डाल दिया।
सोमवार को जितेंद्र सिंह ने सदन में जो अंग्रेजी के नौ सवालों के साढ़े बाइस नंबरों को मेरिट से अलग रखने की बात कही थी, उसमें कुछ भी साफ नहीं था। साथ ही सदन में सरकार के पक्ष से साफ हुआ कि हम अंग्रेजी का विरोध कर रहे हैं, जबकि असली मुद्दा सी-सैट पेपर में तकनीकी व्यवस्था है।
जिसमें गूगल ट्रांसलेट के चलते छात्रों को हिंदी के प्रश्न समझने की दिक्कत थी। छात्रों के मुताबिक, उनका आंदोलन अहिंसक होगा, लेकिन यदि पुलिस का रवैया सख्त हुआ तो वे भी उग्र हो जाएंगे।
आप नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि यूपीएससी परीक्षार्थियों का एक दल जंतर-मंतर पर धरने पर बैठा है। छात्रों का साथ देने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता योगेंद्र यादव भी पहुंचे थे। उन्होंने सरकार के आश्वासन के बाद राहत के नाम पर छात्रों को ठगने की निंदा करते हुए हिंदी भाषी छात्रों का साथ देने का वादा किया।