सीसैट के विरोध में छात्र ने किया आत्मदाह का प्रयास
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दिल्ली में यूपीएससी के छात्रों का सीसैट के विरोध में प्रदर्शन उग्र रूप लेता जा रहा है। पदर्शन और अनशन से आगे बढ़कर छात्र अब आत्मदाह का प्रयास कर रहे हैं।
सीसैट का विरोध कर रहे यूपीएससी के एक छात्र ने सरकार की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर मुखर्जी नगर में आत्मदाह करने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार छात्र ने अपने ऊपर कैरोसीन छिड़क कर जान देने का प्रयास किया। पुलिस ने उस छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सरकार और यूपीएससी के रवैए से नाराज छात्रों ने इस घटना के बाद मुखर्जी नगर इलाके में जबरन दुकाने बंद कराईं।
एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में उठे सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यूपीएससी के पाठ्यक्रम के संबंध में गठित की गई समिति से एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी गई है।
समिति की रिपोर्ट आते ही इस मामले में सरकार उचित कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि वे छात्रों को समझाने की कोशिश करेंगे। एडमिट कार्ड जारी होने के मामले में उन्होंने कहा कि यह यूपीएससी के कैलेंडर के अनुसार जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी पार्टियों के सदस्यों को साथ लेकर इस मामले का हल निकालेगी।
रेल भवन के पास हिरासत में लिया
यूपीएससी पाठ्यक्रम में बदलवाव की मांग की मांग कर रहे छात्रों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
छात्र संसद मार्च पर निकले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले मुखर्जी नगर में रोका और जब छात्र वहां नहीं रुके तो उन्हें रेल भवन के पास हिरासत में ले लिया गया।
दिल्ली पुलिस द्वारा यूपीएससी के छात्रों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर दिल्ली के एडीशनल सीपी एसबीएस त्यागी ने बताया कि हम प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर रेल भवन तक जाने से रोक रहे हैं और इस प्रयास में हमने लगभग 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। त्यागी ने आगे कहा कि हमने तीन मेट्रो स्टेशन बंद करने की भी मांग की है।
'प्रदर्शन के लिए मजबूर कर रही है सरकार'
राज्यसभा में जेडीयू सांसद शरद यादव ने कहा कि यूपीएससी का ये पाठ्यक्रम हिंदी भाषी छात्रों के साथ भेदभाव है। उन्होंने इस बारे में आंकड़े पेश करते हुए कहा कि सीसैट की वजह से हिंदी समेत अन्य भाषा के छात्रों की संख्या लगातार घटी है।
बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि सरकार अगर जल्द फैसला नहीं लेती तो लाखों छात्रों के साथ नाइंसाफी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर कर रही है।
सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने बृहस्पतिवार रात को घटी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जो कुछ भी हुआ उसमें सरकार की गलती है।
संसद मार्च पर निकले थे छात्र
यूपीएससी परीक्षा में हिंदी समेत क्षेत्रीय भाषाओं की अनदेखी व सी-सैट हटाने की मांग लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बृहस्पतिवार रात को उग्र हुए आंदोलन के बाद अब छात्रों से संसद मार्च का ऐलान किया है।
सीसैट को हटाने की मांग कर रहे छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए संसद की ओर निकल चुके हैं। छात्रों की संख्या और हंगामे की आशंका को देखते हुए संसद मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक संसद मार्च पर जा रहे यूपीएससी छात्रों को मुखर्जीनगर में ही रोक लिया गया है। वहीं, संसद में सपा और आरजेडी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने छात्रों के भविष्य पर चिंता जताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
बता दें कि सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव की मांग कर रहे छात्रों का गुस्सा कल शाम आईएएस परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी होने के बाद भड़क गया।
'छात्रों के साथ नही होगी नाइंसाफी'
बड़ी संख्या में यूपीएससी के छात्रों के संसद मार्ग की ओर कूच करने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि वे इंसाफ की लड़ाई लड़ने संसद जा रहे हैं।
छात्र प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी मांगे रखने और पाठ्यक्रम में बदलाव के अलावा परीक्षा स्थगित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी नहीं होगी। उन्हें धैर्य से काम लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में गठित कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार उचित फैसला लेगी।
संसद में हंगामा, मोदी से मिले मंत्री
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भी इस मुद्दे पर चर्चा की है।
वहीं, आज संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू हो गया है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में विपक्षी दलों में भाजपा सरकार से इस मसले पर जवाब मांगा है। सरकार दोपहर 12 बजे इस पर जवाब देगी।
बता दें कि बृहस्पतिवार रात को रिंग रोड पर जाम के बाद छात्रों ने पुलिस पर पथराव और आगजनी भी की। इस दौरान छात्रों ने पुलिस जिप्सी, एक बाइक और रोडवेज बस में भी आग लगा दी थी।