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Delhi: विधानसभा में 'फांसी घर' पर जमकर हंगामा, आप ने बताया ऐतिहासिक, भाजपा बोली- नक्शे में ये जगह टिफिन रूम

Tue, 05 Aug 2025 11:18 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 05 Aug 2025 11:18 PM IST
सार

विधानसभा में मंगलवार को उस वक्त माहौल गर्म हो गया जब फांसी घर के मुद्दे पर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी आप आमने-सामने आ गए। आप की पिछली सरकार ने 2022 में विधानसभा के एक कमरे को फांसी घर बताकर उसे ऐतिहासिक स्थल के रूप में संरक्षित किया था। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आप पर दिल्लीवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए जांच की बात कही।

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Uproar in Delhi assembly over hanging house
फांसी घर के मुद्दे पर जमकर हुआ हंगामा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को ''फांसी घर'' के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी (आप) ने जिस कमरे को 2022 में फांसी घर बताकर संरक्षित किया था, उसे मौजूदा भाजपा सरकार ने टिफिन रूम करार दिया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आप पर दिल्लीवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए जांच की बात कही। कहा कि अगर फांसी घर का दावा झूठा निकला तो इस संरक्षित स्थान को खत्म कर दिया जाएगा। विपक्ष की नेता आतिशी ने इस बहस को गैर-जरूरी बताते हुए दिल्ली की दूसरी समस्याओं पर चर्चा की मांग की।

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विधानसभा में मंगलवार को उस वक्त माहौल गर्म हो गया जब फांसी घर के मुद्दे पर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी आप आमने-सामने आ गए। आप की पिछली सरकार ने 2022 में विधानसभा के एक कमरे को फांसी घर बताकर उसे ऐतिहासिक स्थल के रूप में संरक्षित किया था। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने 9 अगस्त 2022 को इसका उद्घाटन भी किया था लेकिन अब भाजपा सरकार इसे महज एक टिफिन रूम बता रही है।
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जहां विधानसभा में बहस होती है वहां फांसी घर कैसे हो सकता है : विजेंद्र गुप्ता
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सत्र की शुरुआत में ही इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि नेशनल आर्काइव के ऐतिहासिक नक्शे से साफ हुआ कि जिसे फांसी घर बताया गया वह दरअसल टिफिन रूम की लिफ्ट थी। विजेंद्र गुप्ता ने तंज कसते हुए कहा कि जहां विधानसभा में बहस होती है वहां फांसी घर कैसे हो सकता है। यह सवाल हर किसी के मन में है। उन्होंने आप पर दिल्लीवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि इसकी सच्चाई की जांच होगी। अगर फांसी घर का दावा झूठा निकला तो इस जगह का संरक्षित दर्जा खत्म कर दिया जाएगा। विजेंद्र गुप्ता ने यह भी खुलासा किया कि जिसे आप ने सुरंग बताया था वह कोई गुप्त रास्ता नहीं बल्कि वेंटिलेशन के लिए बनाया गया डक्ट है। उन्होंने इतिहासकारों के हवाले से कहा कि उस समय सीमित संसाधनों में भवनों में वेंटिलेशन के लिए ऐसी डक्टिंग आम थी। यह सिर्फ दिल्ली विधानसभा में ही नहीं बल्कि संसद में भी देखने को मिलती है।
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नक्शे में ये जगह टिफिन रूम
विजेंद्र गुप्ता ने आगे बताया कि जिस कमरे को फांसी घर कहा गया वहां एक शिलापट्ट भी लगाया गया था, जिसमें 9 अगस्त 1942 का जिक्र है। इसे दर्शनीय स्थल बताकर उद्घाटन किया गया लेकिन नक्शे में यह साफ है कि वह टिफिन रूम था। इस कमरे में लकड़ी की लिफ्ट को फांसी का फंदा और ट्रेप डोर बताया गया जबकि वह भोजन लाने-ले जाने के लिए बनाई गई थी। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट का कमरा नक्शे में वायसराय रूम के नाम से दर्ज है और बाकी कमरे मेंबर्स रूम और स्मोकिंग रूम जैसे नामों से हैं।

ये विषय विधानसभा की गरिमा से जुड़ा
भाजपा ने इस मुद्दे को विधानसभा की गरिमा से जोड़ा। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि शिलापट्ट लगाकर इसे फांसी घर बताना गंभीर मामला है। उन्होंने विपक्ष से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। विधानसभा के मुख्य सचेतक अभय वर्मा ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी।

फांसी घर पर बहस समय की बर्बादी: आतिशी
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने इस बहस का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली, पानी और सड़कों जैसी कई समस्याएं हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए। फांसी घर पर बहस को वे समय की बर्बादी मानती हैं। जवाब में भाजपा ने कहा कि आप के इस झूठ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। आतिशी बुधवार को इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रखेंगी। साथ ही झुग्गियों पर बुलडोजर चलाने के मामले में आतिशी ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बुलडोजर चलाकर घर गिराये जा रहे हैं। हजारों लोगों को बिना मकान दिये उनके घर तुड़वा दिये गये। इन घरों को बचाने के लिए कोर्ट में चल रही सुनवाई के समय से पहले ही बुलडोजर से घर गिरा दिये गये। यह वही भाजपा की सरकार है, जिसने चुनाव के दौरान इन्हीं झुग्गीवासियों को कहा था कि भाजपा की सरकार आने पर 'जहां झुग्गी-वहां मकान' मिलेगा लेकिन चुनाव के बाद गरीबों के घर तुड़वा दिए गए।


दिल्ली विधानसभा दो खेमों में बंटी
इस पूरे विवाद ने दिल्ली विधानसभा को दो खेमों में बांट दिया है। एक तरफ भाजपा इसे आप की गलतबयानी बता रही है तो दूसरी तरफ आप इसे ऐतिहासिक स्थल मान रही है। आप विधायकों ने सदन में कहा कि एआई भी इस जगह को फांसी घर ही बता रहा है। अब सबकी नजर बुधवार के सत्र पर है जहां इस मुद्दे पर और बहस होने की उम्मीद है।

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