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Delhi NCR News: जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग पर हंगामा, दो छात्र निष्कासित
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- छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर लगाया मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप
- पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे हटाया गया। इस कार्रवाई के बाद कैंपस के बाहर दिनभर हंगामा हुआ। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इस घटनाक्रम के बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया और पुलिस तथा अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। विवि प्रशासन ने दो छात्रों को निष्कासित कर दिया है।
पांच छात्र सोमवार शाम से गुलिस्तान गालिब लॉन के गेट नंबर सात के पास भूख हड़ताल पर बैठे थे। इनमें मोहम्मद जासिम और एबिन की तबीयत अधिक खराब हो गई थी। छात्रों का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 100 सुरक्षाकर्मी, जिनमें कुछ बिना वर्दी और मास्क लगाए थे, मस्जिद वाले गेट से दाखिल हुए। उन्होंने भूख हड़ताल स्थल की लाइट बंद कर दी और छात्रों को घसीटकर गेट नंबर सात तक बाहर निकाला। छात्रों को पुलिस के साथ एंबुलेंस में अस्पताल भेजा गया। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर बर्बरता, बाल खींचने और पेट पर मारने का आरोप लगाया, जिससे कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं।
जामिया के गेट नंबर सात से जबरन अंदर घुसे छात्र
शनिवार दोपहर को छात्रों ने गेट नंबर सात पर दोबारा प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया और शाम को जबरन गेट के नीचे का हिस्सा तोड़कर जबरन अंदर घुस गए। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर एबिन ने भूख हड़ताल जारी रखने का एलान किया, जिसके बाद पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया। शाम को छात्रों ने वीसी गेट तक मार्च भी निकाला और घटना की निंदा की। वहीं छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट की अलग-अलग छात्रों संगठनों आइसा और एनएसयूआई ने आलोचना की है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ ने भी घटना की निंदा की।
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छात्र किए निष्कासित और कैंपस में आने पर लगाया बैन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दो छात्रों को निष्कासित कर दिया है। मोहम्मद जासिम को छह महीने के लिए निष्कासित किया गया है। उन पर 12 अक्तूबर को अनाधिकृत तौर पर कैंपस में घुसने, सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने, गाली-गलौज करने, अनुशासन तोड़ने सहित कई आरोप हैं। बीए एलएलबी(ऑनर्स) के छात्र एबिन को एक साल के लिए निष्कासित किया है।
प्रशासन ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
जामिया के एक अधिकारी ने छात्रों के सभी आरोपों को बेबुनियाद और गलत बताया। कहा कि छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों को गाली दी और उनके कपड़े फाड़ दिए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने आत्मरक्षा में बचाव किया।
छात्र संघ चुनाव पर रोक और वैकल्पिक व्यवस्था
अधिकारी ने बताया कि जामिया में वर्ष 2005-06 से छात्र संघ चुनाव पर रोक लगी हुई है। छात्र संघ के कारण कैंपस में पहले काफी तनाव और मारपीट की घटनाएं होती थीं। छात्र संघ चुनाव के संबंध में कोर्ट के निर्देश भी हैं, जिसके चलते चुनाव नहीं होते। वर्ष 2022 में छात्र संघ चुनाव के आयोजन को लेकर दाखिल याचिका को कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। जामिया प्रशासन ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। इसके तहत जामिया के सभी 48 विभागों और 28 केंद्रों में सब्जेक्ट एसोसिएशन बनाई गई है, जिसका चुनाव मतपत्र के माध्यम से होता है और इसमें छात्रों के प्रतिनिधित्व के लिए तीन पद निर्धारित हैं।
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- पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे हटाया गया। इस कार्रवाई के बाद कैंपस के बाहर दिनभर हंगामा हुआ। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इस घटनाक्रम के बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया और पुलिस तथा अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। विवि प्रशासन ने दो छात्रों को निष्कासित कर दिया है।
पांच छात्र सोमवार शाम से गुलिस्तान गालिब लॉन के गेट नंबर सात के पास भूख हड़ताल पर बैठे थे। इनमें मोहम्मद जासिम और एबिन की तबीयत अधिक खराब हो गई थी। छात्रों का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 100 सुरक्षाकर्मी, जिनमें कुछ बिना वर्दी और मास्क लगाए थे, मस्जिद वाले गेट से दाखिल हुए। उन्होंने भूख हड़ताल स्थल की लाइट बंद कर दी और छात्रों को घसीटकर गेट नंबर सात तक बाहर निकाला। छात्रों को पुलिस के साथ एंबुलेंस में अस्पताल भेजा गया। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर बर्बरता, बाल खींचने और पेट पर मारने का आरोप लगाया, जिससे कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं।
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जामिया के गेट नंबर सात से जबरन अंदर घुसे छात्र
शनिवार दोपहर को छात्रों ने गेट नंबर सात पर दोबारा प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया और शाम को जबरन गेट के नीचे का हिस्सा तोड़कर जबरन अंदर घुस गए। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर एबिन ने भूख हड़ताल जारी रखने का एलान किया, जिसके बाद पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया। शाम को छात्रों ने वीसी गेट तक मार्च भी निकाला और घटना की निंदा की। वहीं छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट की अलग-अलग छात्रों संगठनों आइसा और एनएसयूआई ने आलोचना की है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ ने भी घटना की निंदा की।
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छात्र किए निष्कासित और कैंपस में आने पर लगाया बैन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दो छात्रों को निष्कासित कर दिया है। मोहम्मद जासिम को छह महीने के लिए निष्कासित किया गया है। उन पर 12 अक्तूबर को अनाधिकृत तौर पर कैंपस में घुसने, सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने, गाली-गलौज करने, अनुशासन तोड़ने सहित कई आरोप हैं। बीए एलएलबी(ऑनर्स) के छात्र एबिन को एक साल के लिए निष्कासित किया है।
प्रशासन ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
जामिया के एक अधिकारी ने छात्रों के सभी आरोपों को बेबुनियाद और गलत बताया। कहा कि छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों को गाली दी और उनके कपड़े फाड़ दिए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने आत्मरक्षा में बचाव किया।
छात्र संघ चुनाव पर रोक और वैकल्पिक व्यवस्था
अधिकारी ने बताया कि जामिया में वर्ष 2005-06 से छात्र संघ चुनाव पर रोक लगी हुई है। छात्र संघ के कारण कैंपस में पहले काफी तनाव और मारपीट की घटनाएं होती थीं। छात्र संघ चुनाव के संबंध में कोर्ट के निर्देश भी हैं, जिसके चलते चुनाव नहीं होते। वर्ष 2022 में छात्र संघ चुनाव के आयोजन को लेकर दाखिल याचिका को कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। जामिया प्रशासन ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। इसके तहत जामिया के सभी 48 विभागों और 28 केंद्रों में सब्जेक्ट एसोसिएशन बनाई गई है, जिसका चुनाव मतपत्र के माध्यम से होता है और इसमें छात्रों के प्रतिनिधित्व के लिए तीन पद निर्धारित हैं।