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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   In Delhi, girls lead in adoptions; over a thousand have found a family

Delhi NCR News: दिल्ली में गोद लेने के मामले में बेटियां आगे, एक हजार से अधिक को मिला परिवार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 07:37 PM IST
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2015-16 से अब तक 760 लड़कों को भी मिले नए अभिभावक, विशेष जरूरतों वाले छह बच्चों को 2025-26 में अपनाया गया
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में दत्तक ग्रहण के मामलों में बेटियां लड़कों से आगे हैं। वर्ष 2015-16 से अब तक एक हजार से अधिक लड़कियों और करीब 760 लड़कों को नए परिवार मिले हैं। वहीं, विशेष जरूरतों वाले बच्चों को भी परिवार दिलाने में सफलता मिली है। वित्त वर्ष 2025-26 में ऐसे छह बच्चों को गोद लिया गया। इनमें दो बच्चों को देश में और चार को विदेश में अभिभावक मिले। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, विशेष जरूरतों वाले बच्चों की क्षमताओं को विकसित करने और संभावित अभिभावकों को जागरूक करने से सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में वर्ष 2015-16 में सर्वाधिक 178 बच्चों को गोद लिया गया था। इसके बाद दत्तक ग्रहण के मामलों में गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2020-21 में 102 और 2021-22 में केवल 87 बच्चों को परिवार मिला। यह इस अवधि का सबसे निचला स्तर रहा। इसके बाद मामलों में धीरे-धीरे सुधार हुआ। वर्ष 2022-23 में 94, 2023-24 में 97 और 2024-25 में 110 बच्चों को गोद लिया गया। हालांकि, 2025-26 में यह संख्या मामूली गिरावट के साथ 109 रह गई।
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जनवरी से सितंबर तक 71 बच्चों का दत्तक ग्रहण
वर्ष 2026 में जनवरी से सितंबर के बीच दिल्ली में 71 बच्चों को नए परिवार मिले। अप्रैल में सर्वाधिक 14 बच्चों को गोद लिया गया। जनवरी में 12 और जून में 11 बच्चों को परिवार मिला। सितंबर में नौ, मार्च में आठ, फरवरी में छह और मई में पांच बच्चों को अपनाया गया। वहीं, जुलाई में चार और अगस्त में सबसे कम दो बच्चों का दत्तक ग्रहण हुआ। इस अवधि में मध्य जिले में सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए।
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जांच और मिलान के बाद पूरी होती है प्रक्रिया
दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के तहत पूरी की जाती है। बाल कल्याण समिति जांच के बाद बच्चे को कानूनी रूप से गोद दिए जाने के लिए स्वतंत्र घोषित करती है। इसके बाद इच्छुक अभिभावकों की पात्रता और उपयुक्तता की जांच की जाती है तथा बच्चे का मिलान किया जाता है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जिलाधिकारी दत्तक ग्रहण का आदेश जारी करते हैं।
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