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यूपी परिवहन निगम की एसपीवी योजना अधर में
अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 29 Jan 2014 12:08 PM IST
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ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बीच यात्रियों को बेहतर बस सुविधा मुहैया कराने को लेकर गठित स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) में शामिल उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने नुकसान के मद्देनजर हाथ खींच लिए हैं। ऐसे में एसपीवी के शुरू होने पर संशय बना हुआ है।
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नफा नुकसान को ध्यान में रखते हुए यूपी परिवहन निगम ने एसपीवी में शामिल होने से मना कर दिया है। एसपीवी के गठन के लिए अंशधारिता 10 करोड़ रुपये रखी गई थी। जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 45-45 प्रतिशत जबकि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 10 प्रतिशत अंशदान करना था।
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एसपीवी के कुशल संचालन व देखरेख के लिए सात सदस्यीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का भी गठन किया गया था। जिसमें यूपी परिवहन निगम के एमडी को भी निदेशक बनाया गया था।
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एसपीवी के तहत नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच करीब 190 बसें चलाई जानी थी। जिसमें पहले चरण में एक सौ बसें आनी थीं। इस योजना में पांच-पांच मिनट की अवधि में बस सेवा मुहैया कराए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा पीपीपी मॉडल पर उच्चस्तरीय बस स्टैंड भी बनाने की बात कही गई थी।
ग्रेटर नोएडा डिपो के एआरएम सतेंद्र वर्मा ने बताया कि यूपी परिवहन निगम के बोर्ड के फैसले के बाद एसपीवी में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सिटी बस रूट पर हुए घाटे का करीब नौ करोड़ रुपये प्राधिकरण पर बकाया है।