दिल्ली के विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के बिना मिलेगी डिग्री, लेकिन डीयू के छात्रों को नहीं मिलेगा फायदा
दिल्ली सरकार के इस फैसले का फायदा उसके अंतर्गत आने वाले गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, आंबेडकर यूनिवर्सिटी, दिल्ली टेक्नोलोजिकल यूनिवर्सिटी, नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमन और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के छात्रों को मिलेगा...
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छात्रों को अंक देने के सिस्टम पर अंतिम निर्णय लेने का फैसला यूनिवर्सिटीज पर ही छोड़ दिया गया है।
दिल्ली सरकार के इस फैसले का फायदा उसके अंतर्गत आने वाले गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, आंबेडकर यूनिवर्सिटी, दिल्ली टेक्नोलोजिकल यूनिवर्सिटी, नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमन और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के छात्रों को मिलेगा।
लेकिन दिल्ली सरकार के इस फैसले का लाभ दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को नहीं मिलेगा, क्योंकि यह केंद्र सरकार के अधीन आती है। मनीष सिसोदिया ने कहा है कि उन्होंने केंद्र सरकार से इस बात के लिए भी आग्रह किया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी इसी तरह की प्रक्रिया से पास कर दिए जाने पर विचार किया जाये।
इसके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखेंगे।
दिल्ली सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) पर परीक्षाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने शुक्रवार को यूजीसी से अपील की थी कि आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक नियम बनाकर छात्रों की परीक्षा लिए बिना उन्हें डिग्री प्रदान कर दी जाये।
ध्यान रहे कि यूजीसी ने सोमवार को ही यह निर्णय दिया था कि अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाओं को लेने के लिए विश्वविद्यालय अपने स्तर पर रणनीति तय करें। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन, ऑफलाइन या मिक्स्ड विकल्प चुनने के लिए कहा था।