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बिजली कटौती पर ऊर्जा मंत्री का खुलासा

Wed, 11 Jun 2014 01:05 PM IST
Updated Wed, 11 Jun 2014 01:05 PM IST
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Union power minister Piyush Goyal holds emergency meeting on Delhi power crisis

दिल्ली में जारी बिजली संकट के लिए ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने तत्कालीन शीला सरकार और केंद्र की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

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गोयल के अनुसार पिछले 12 वर्ष में राज्य में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए पिछली सरकार द्वारा न के बराबर काम किया गया।

इसकी वजह से आज बिजली मौजूद होने के बावजूद दिल्ली में बिजली का ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो सप्ताह में दिल्ली की बिजली आपूर्ति को दुरुस्त कर दिया जाएगा।

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दो सप्ताह के भीतर निबटेगा मामला

Union power minister Piyush Goyal holds emergency meeting on Delhi power crisis

बिजली के बढ़ते संकट को देखते हुए हरकत में आए केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग, राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और डिस्कॉम के साथ मंगलवार को बैठक कर यह आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार सभी संभव तरीकों को अपना कर राज्य में बिजली व्यवस्था को दो सप्ताह के भीतर दुरुस्त करेगी।

गोयल के अनुसार, मंगलवार शाम 8 बजे तक एनटीपीसी के बवाना प्लांट से अतिरिक्त 400 मेगावाट गैस आधारित बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए प्लांट को अतिरिक्त गैस सप्लाई की जाएगी।

इसके अलावा महाराष्ट्र के दाभोल पावर प्लांट से भी 218 मेगावाट बिजली की मदद लेने की भी योजना है। साथ ही दिल्ली सरकार हर रोज शाम 5 बजे बिजली आपूर्ति के सुधार कार्यों की प्रगति के बारे में बुलेटिन जारी करेगी। साथ ही रोज सुबह 8 बजे बिजली कटौती के बारे में जानकारी दी जाएगी।

12 साल में बदले गए 13 प्रधान सचिव

Union power minister Piyush Goyal holds emergency meeting on Delhi power crisis

दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड की क्षमता पर सवाल खड़े करते हुए केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि 12 साल में जितना काम होना चाहिए था, नहीं हुआ। पिछले 12 वर्ष में दिल्ली सरकार ने ऊर्जा विभाग के 13 प्रधान सचिव बदल दिए। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव को ही दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड का प्रमुख भी बनाया जाता है।

वर्ष 2002 में जगदीश सागर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव थे। मार्च 2004 से जून 2004 तक केएम शाहनी, जून 04 से मार्च 06 तक अरुण गोयल, मार्च 06 से दिसंबर 07 तक राकेश मेहता, दिसंबर 07 से मई 10 तक राजेंद्र कुमार, मई 10 से अप्रैल 11 तक राकेश मेहता, अप्रैल 11 से अगस्त 11 तक पीके त्रिपाठी, अगस्त 11 से अप्रैल 12 तक परिमल राय और अप्रैल में कुछ दिन के लिए डीएम स्पोलिया को प्रधान सचिव बनाया गया था।

इसके बाद मई 12 से अगस्त 13 तक शक्ति सिन्हा, अगस्त 13 से दिसंबर 13 तक आरके वर्मा, दिसंबर 13 से फरवरी 14 तक पुनीत गोयल और फरवरी 14 में अरुण गोयल को प्रधान सचिव और दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड का प्रमुख बनाया गया है।

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ये हैं ऊर्जा मंत्री की दलीलें

Union power minister Piyush Goyal holds emergency meeting on Delhi power crisis

बवाना स्थित गैस प्लांट की उत्पादन क्षमता 1,500 मेगावाट होने के बावजूद केवल 290 मेगावाट उत्पादन। दिल्ली की अधिकतम मांग 5,400 मेगावाट पहुंची।

हाल में आए आंधी-तूफान की वजह से तीन ट्रांसमिशन लाइन को नुकसान पहुंचा, जिसमें से दो ठीक हो चुकी हैं, जबकि बवाना-रोहिणी लाइन मंगलवार को ठीक होने की उम्मीद।

महारानी बाग-गाजीपुर लाइन को एक हफ्ते और दादरी-लोनी-हर्ष विहार लाइन के दो हफ्ते में ठीक होने की संभावना। एनटीपीसी के बवाना स्थित गैस प्लांट से 400 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मंगलवार शाम आठ बजे से मिलने की संभावना।

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