वर्दी और लेखन साम्रगी नहीं देने के चलते दो बच्चों ने दायर की निगम के खिलाफ याचिका
पूर्वी नगर निगम के 388 प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब दो लाख दस हजार बच्चों को शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद टेस्ट बुक, लेखन सामग्री और वर्दी आदि नहीं दी गई है। यह सरासर बच्चों के शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार का हनन है।
उक्त आरोप लगाते हुए कक्षा एक व तीन के दो बच्चों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।पटपड़गंज क्षेत्र निवासी कक्षा एक के छात्र आलेख व कक्षा तीन में पढ़ने वाली हर्षिता ने अपने पिता के जरिए यह याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने याचिका में तर्क दिया कि वर्तमान शिक्षा सत्र को शुरू हुए चार माह से ज्यादा हो गए हैं लेकिन पूर्वी नगर निगम अपने अधिकार क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले दो लाख से अधिक बच्चों को निशुल्क टेस्ट बुक, लेखन सामग्री और वर्दी देने में असफल रहा है।
'पठन सामग्री के बिना कैसे प्राप्त कर सकते हैं शिक्षा'
उन्होंने कहा कि इस सामग्री के अभाव में बच्चे शिक्षा कैसे प्राप्त कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने भी 26 फरवरी को निर्देश दिया था कि शिक्षा सत्र शुरू होने से पूर्व ही बच्चों को यह सुविधा प्रदान की जाए ताकि बच्चे समय पर शिक्षा शुरू कर सकें।
याची ने कहा कि इस संबंध में निगम को ज्ञापन भी दिया गया लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में उत्तरी नगर निगम भी करीब चार लाख बच्चों को उक्त सामग्री नहीं दे सका था, जिस कारण बच्चे पढ़ नहीं पाए।
याचिका में कहा कि तय कानून के तहत बच्चे निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने के अधिकारी हैं और जब तक उन्हें पठन सामग्री नहीं दी जाती वे कैसे शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा यह संविधान में दिए अधिकारों का भी हनन है। अत: नगर निगम व दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि बच्चों को तुरंत प्रभाव से टेस्ट बुक व अन्य सामग्री प्रदान की जाए। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।