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अनधिकृत कॉलोनियां : कीमत और पेनाल्टी चुकाने पर ही मिलेगा जमीन पर मालिकाना हक

Thu, 25 Jul 2019 11:53 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 25 Jul 2019 11:53 AM IST
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unauthorised colonies residents will get ownership only when pay land cost and penalty
अवैध कॉलोनी - फोटो : सोशल मीडिया

नियमित होने पर अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को अपने मकान का मालिकाना हक लेने के लिए जमीन की कीमत व पेनाल्टी देनी होगी। यह शर्त सरकारी व गांव की जमीनों पर होगी। दूसरी तरफ निजी जमीन पर बसीं कॉलोनियों के लोगों को सिर्फ पेनाल्टी देनी होगी। रजिस्ट्री उसी के नाम होगी, जिसके पास मकान का कब्जा है। केंद्र सरकार के इससे जुड़े प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार भी राजी है।

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केंद्र सरकार दिल्ली की 1797 कॉलोनियों को नियमित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत कॉलोनियों की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। इसमें सरकारी जमीन, गांव की जमीन व निजी जमीन पर बसी अनधिकृत कॉलोनियां है।
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पहली और दूसरी श्रेणी में मालिकाना हक उसी को मिलेगा, जिसका फिलहाल उस पर कब्जा है। इसके लिए उन्हें जमीन की कीमत व पेनाल्टी देनी होगी। 200 वर्ग मीटर से छोटे प्लॉट की कीमत मौजूदा सर्किल रेट का एक फीसदी व पेनाल्टी 0.5 फीसदी रखा गया है। जबकि 200 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट की कीमत सर्किल रेट का दो फीसदी व पेनाल्टी एक फीसदी होगी। दूसरी तरफ निजी जमीन पर बसीं कॉलोनियों में रहने वाले को सिर्फ पेनाल्टी देनी होगी।
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केंद्र के प्रस्ताव में कच्ची कॉलोनियों की कीमत और जुर्माना उनके आसपास बसी कॉलोनियों के आधार पर तय किया जाना है। नजदीक की जिस कालोनी का सर्किल रेट सबसे ज्यादा होगा, वहां की कीमत पर अनधिकृत कॉलोनी में मालिकाना हक देने का आधार बनेगी। हालांकि, दिल्ली सरकार की सलाह है कि न्यूनतम सर्किल रेट से एक कैटगिरी नीचे के सर्किल रेट पर मालिकाना हक दिया जाए।

दिल्ली सरकार स्टांप शुल्क में देगी छूट

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों में जितने लोगों ने घर ले रखे हैं, उनकी कई बार जीपीए पर बिक्री हुई है। ऐसे में दिल्ली सरकार बीच की जितनी भी खरीद-फरोख्त हुई, उन सबकी स्टांप ड्यूटी माफ करेगी।

अभी घर जिसके पास है, उनसे स्टांप ड्यूटी लेकर मालिकाना हक दे दिया जाएगा। केजरीवाल के मुताबिक, इसके साथ सरकार रजिस्ट्री शुल्क में भी राहत देने पर विचार कर रही है। हालांकि, केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इस पर फैसला किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अड़चन
केजरीवाल ने बताया कि अक्टूबर 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने जनरल पॉवर ऑफ अटार्नी (जीपीए) व एग्रीमेंट टू सेल को रोकने का फैसला दिया था। अगर इस आदेश को लागू किया जाएगा तो 2011 के बाद जिन लोगों ने जीपीए के जरिए जमीनें खरीदीं है, उन पर यह लागू नहीं हो सकेगा।

प्रस्ताव में इस शर्त को भी माफ किया जा रहा है। इसके बाद जितने भी एग्रीमेंट हुए वो मान्य होंगे। इसी के आधार पर मालिकाना हक की पहचान होगी। दिल्ली सरकार को प्रस्ताव है कि 31 जून 2019 तक जिन लोगों ने जीपीए करवाया है, उनको मालिकाना हक दे दिया जाए।

केजरीवाल ने बताया पहले चरण में 1,797 कॉलोनियां नियमित होंगी

केजरीवाल ने बताया कि पहले चरण में 1,797 कॉलोनियां नियमित होंगी। हैं। केंद्र सरकार के प्रस्ताव में लिखा है कि अगर इसके बाद कोई कॉलोनी बच जाती है तो दिल्ली सरकार उसकी लिस्ट बना ले। दूसरे फेज में उनको भी नियमित कर दिया जाएगा।  

दिल्ली सरकार का कहना है कि बांध से यमुना नदी की तरफ बसी कालोनियों को नियमित नहीं किया जाएगा। जबकि दूसरी तरफ बसी कालोनियां नियमित हो जाएंगी। जिन कालोनियों में वन विभाग या एएसआई का जो हिस्सा है, उसको छोड़कर बाकी कॉलोनी को नियमित कर दिया जाए।

साथ ही सैनिक फार्म, महेंदू एनक्लेव तथा अनंत राम डेरी को भी नियमित किया जाए। इन्हें कानून की धारा 14 के तहत बाहर रखा गया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि अनधिकृत कॉलोनियों की सरकारी जमीन को दिल्ली सरकार को दे दिया जाए।

गांवों में सेक्शन 81 को किया जाएगा खत्म
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली देहात में जितनी भी कच्ची कॉलोनियां हैं, दिल्ली सरकार उनको शहरी गांव  में नोटिफाई करने जा रही है। अभी सेक्शन 81 के तहत अगर कृषि योग्य भूमि पर गैर कृषि काम हो रहा है, तो सरकार उसको अपने कब्जे में लेकर ग्रामसभा को दे देती है।  

दिल्ली में संपत्ति की 8 श्रेणियां और उनके हिसाब से तय होने वाली कीमत का फार्मूला:

सरकारी जमीन का 200 वर्ग मीटर का प्लॉट:
श्रेणी सर्किल रेट   कीमत    जुर्माना    कुल
ए    7,74,000    7740    3870    11,610    
बी    2,46,000    2460    1230    3690
सी    1,60,000    1600    800    2400
डी    1,28,000    1280    640    1920
ई    70,080    701    350    1051
एफ    56,640    566    283    850
जी    46,200    462    231    693
एच    23,200    232    116    348

खेतिहर जमीन पर 200 वर्ग मीटर का प्लॉट:
श्रेणी सर्किल रेट   कीमत    जुर्माना    कुल
ए    7,74,000    774    3870    4644    
बी    2,46,000    246    1230    1476
सी    1,60,000    160    800    960
डी    1,28,000    128    640    768
ई    70,080    70    350    420
एफ    56,640    57    283    340
जी    46,200    46    231    277
एच    23,200    23    116    139

निजी जमीन पर 200 वर्ग मीटर का प्लॉट:
श्रेणी सर्किल रेट  कीमत    जुर्माना    कुल
ए    7,74,000    0    3870    3870
बी    2,46,000    0    1230    1230
सी    1,60,000    0    800    800
डी    1,28,000    0    640    640
ई    70,080    0    350    350
एफ    56,640    0    283    283
जी    46,200    0    231    231
एच    23,200    0    116    116

नोट: प्लॉट का साइज 200 वर्ग मीटर से ज्यादा होने पर जमीन की कीमत व जुर्माना राशि दोगुना हो जाएगी।
. पेनाल्टी व जुर्माना प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से लिया जाएगा।
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