'उड़ता पंजाब' विवाद : 'मोदी भक्त नहीं होते तो चपरासी भी नहीं बन पाते पहलाज निहलानी'
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आम आदमी पार्टी (आप) ने फिल्म उड़ता पंजाब के मामले में भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला किया है। साथ ही सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी के सभी आरोपों को बे-बुनियाद बताते हुए उन्हें भाजपा का एजेंट करार दिया है।
आप ने इस दौरान निहलानी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। आप प्रवक्ता आशीष खेतान ने कहा कि पहलाज निहलानी के सभी आरोप बकवास हैं।
पार्टी का इस फिल्म से कोई संबंध नहीं है। यह बड़ी अजीब बात है कि देश की इतनी अहम संस्था के अध्यक्ष पहलाज निहलानी भाजपा प्रवक्ता के तौर पर बोल रहे हैं। खेतान यहीं नहीं रुके।
'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना चाहती है सरकार'
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर वह मोदी भक्त और भाजपा कार्यकर्ता नहीं होते तो शायद वो सेंसर बोर्ड के चपरासी भी नहीं बन पाते। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने एजेंटों के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना चाहती है। इसका आवश्यक तौर पर विरोध होना चाहिए।
आशीष खेतान ने कहा कि पंजाब में ड्रग्स बड़ी समस्या है। युवाओं की पूरी पीढ़ी बर्बाद हो रही है। इस पर फिल्म बनने या ना बनने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह देश को जानना चाहिए कि कैसे अकाली-बीजेपी सरकार ने पंजाब को गर्त में धकेल दिया है। वहीं, पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने कहा कि मोदी सरकार देश में हर उस आवाज को कुचलना चाहती है जो उनके या उनके सहयोगियों के खिलाफ होती है। उन्होंने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि देश में फिल्म प्रमाणन बोर्ड का मुखिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना चाहता है।