दिल्ली में अब नहीं चलेंगे उबर और ओला कैब
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दिल्ली सरकार ने वेब बेस्ड कैब कंपनी उबर और ओला के रेडियो टैक्सी स्कीम के तहत लाइसेंस के आवेदन को रद्द कर दिया है।
सरकार ने यह कार्रवाई उबर कैब चालक के खिलाफ महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने और पाबंदी के बाद भी सेवाएं जारी रखने के चलते किया है।
अब दोनों कंपनियों को लाइसेंस पाने के लिए नए सिरे से आवेदन करना पड़ेगा। परिवहन मंत्री ने दोनों कंपनियों से बीते दिनों नोटिस जारी कुछ जरूरी सवालों के जवाब भी मांगे हैं।
जब तक ये शर्त पूरी नहीं करते नहीं चलेंगी ये कैब
बताते चले कि बीते साल दिसंबर में एक महिला यात्री के साथ उबर कैब चालक ने रेप किया था। इस मामले के सामने आने के बाद बिना लाइसेंस चल रहे उबर और ओला कंपनियों पर पाबंदी लगा दी गई।
उन्हें लाइसेंस देने के लिए परिवहन विभाग ने रेडियो टैक्सी स्कीम में बदलाव भी किया। दोनों कंपनियों से आवेदन करने के लिए कहने के साथ लाइसेंस मिलने तक सेवाएं बंद करने का आदेश दे दिया। मगर दोनों कंपनियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन करने के साथ पाबंदी लगने के बाद भी दिल्ली में अपनी सेवाएं जारी रखीं।
इस संबंध में परिवहन विभाग दोनों कंपनियों को तीन बार नोटिस जारी कर चुका है, मगर कंपनियों ने एक नहीं सुनी और सेवाएं जारी रखीं। इस दौरान परिवहन विभाग ने कहा कि जब तक दोनों कंपनियां शपथ पत्र देकर सेवाएं बंद होने को नहीं कहती है तब उनके लाइसेंस पर विचार नहीं होगा।
अब दिल्ली सरकार ने दोनों कंपनियों के पुराने आवेदनों को ही रद्द कर दिया है। सरकार का कहना है कि पहले वह सेवाएं बंद होने के संबंध में शपथ पत्र दे फिर नए सिरे से आवेदन करे।