Delhi: शास्त्री पार्क इलाके में हुई सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत, तीसरा गंभीर रूप से घायल
यह दर्दनाक हादसा सीलमपुर थाना इलाके में देर रात दो बजे सामने आया है। तीनों युवक बाइक पर सवार थे और नंद नगरी से सीलमपुर खाना खाने जा रहे थे।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में मंगलवार देर रात घर से खाना खानेनिकले तीन दोस्त सड़क हादसे का शिकार हो गए। दुर्घटना में दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे की स्थिति गंभीर है। मृतकों की शिनाख्त विशाल राणा (27) और ऋतिक कुमार (22) के रूप में हुई है। हादसे में घायल तरुण (24) का जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस आशंका जाहिर कर रही है कि इनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। नजदीकी सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस इसकी जांच कर रही है। शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि तीनों ही दोस्तों ने हेलमेट नहीं लगाए हुए थे।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से गांव करोड़ा, गोंडा, यूपी विशाल अपने परिवार के साथ ए-2 ब्लॉक नंद नगरी में रहता था। परिवार में अब केवल मां ही बची है। वह जोमैटो में डिलीवरी बॉय का काम करता था। वहीं, ऋतिक परिवार के साथ नंद नगरी डी-ब्लॉक में रहता था। तरुण भी नंद नगरी में ही रहता है। ऋतिक और तरुण दोनों मेडिकल स्टोर पर काम करते थे। मंगलवार देर रात को विशाल घर पहुंचा। उसने अपने दोस्तों को कॉल कर चिकन खाने चलने की बात की।
देर रात को तीनों सीलमपुर इलाके में चिकन खाने के लिए घर से निकले। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। बाइक विशाल चला रहा था। वेलकम से सीलमपुर जाने की ओर जैसे ही तीनों सीलमपुर फ्लाईओवर पर चढ़े, हादसे का शिकार हो गए। देर रात 2:10 बजे राहगीरों ने सीलमपुर फ्लाईओवर पर सड़क हादसे की सूचना दी।
मौके पर पहुंची पीसीआर वैन ने घायलों को जीटीबी अस्पताल पहुंचाया, जहां ऋतिक और विशाल को मृत घोषित कर दिया गया। दोनों की सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हुई थी। वहीं, तरुण के सिर में भी गंभीर चोट लगी थी। मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरने के बाद तीनों के सिर डिवाइडर से टकराए। हेलमेट न होने के कारण इनके सिरों में गंभीर चोट लगी, जिसकी वजह से दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई।
मां के मना करने के बाद भी नहीं माना विशाल
विशाल की मां रश्मि का रोते-रोते बुरा हाल है। इकलौती संतान की मौत के बाद वह रोते-रोते बार-बार बेहोश हुए जा रही थीं। उत्तम नगर में रहने वाले विशाल के चाचा नंद कुमार राणा ने बताया कि उनकी भाभी के पास अब खोने को कुछ नहीं है। दो साल पहले बीमारी की वजह से विशाल के पिता राम मनोहर राणा की मौत हो गई थी। परिवार में बस विशाल और उसकी मां बची थी। पिता की मौत के बाद विशाल ने घर का खर्चा चलाने के लिए जोमैटो में डिलीवरी बॉय की नौकरी शुरू कर दी थी। मंगलवार देर रात को वह घर पहुंचा तो घर पर दाल बनी हुई थी। वह मां से बाहर जाकर चिकन खाकर आने की बात करने लगा। मां मंगलवार होने का हवाला देकर मना किया। घर पर ताला भी लगा दिया। लेकिन 12 बजे अगला दिन लगने की बात कर वह अपनी बाइक पर घर से निकल गया। ऋतिक और तरुण भी उसके घर आ गए। तीनों विशाल की बाइक पर सीलमपुर के लिए निकले और हादसे का शिकार हो गए। एक परिजन ने बताया कि चार माह पूर्व ही विशाल ने किस्तों पर डिलीवरी के लिए बाइक खरीदी थी।
हेलमेट होता तो बच सकती थी जान
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसे में बाइक से गिरने के बाद तीनों ही दोस्तों के सिर में गंभीर चोट लगी है। जानकारों का कहना है कि यदि तीनों के पास हेलमेट होता तो शायद कम चोट लगती और जान बचने की संभावना बढ़ जाती। मामले की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि 80 फीसदी से ज्यादा सड़क हादसों में दोपहिया वाहन चालकों की मौत सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से होती है। बाइक से गिरने के बाद दोपहिया वाहन चालकों के सिर में चोट लगती है जो उनके लिए जानलेवा साबित होती है। अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के अपना वाहन न चलाएं। हेलमेट भी आईएसआई मार्क का होना चाहिए।