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दो साल की बच्ची को पहले किया अगवा फिर लेने लगा गोद, जानिए क्या है पूरा मामला
Sat, 30 Nov 2019 10:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Nov 2019 10:12 AM IST
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केस सुलझा
- फोटो : अमर उजाला
शादी के 6 साल बाद भी संतान नहीं होने पर निलोठी एक्सटेंशन निवासी विरेंद्र कुमार दत्त (36) ने पालने के लिए पालम इलाके से दो साल की बच्ची को अगवा कर लिया।
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वारदात में उसने पालम निवासी निखिल चौधरी (21) को भी एक लाख देने का वादा कर अपने साथ लिया। उसने निखिल को 5 हजार रुपये एडवांस भी दिए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से उन तक पहुंची और बच्ची को सकुशल मुक्त करा लिया।
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दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त देवेंद्र आर्या ने बताया कि 23 नवंबर को बाइक सवार दो युवकों के दो साल की बच्ची को अगवा करने की सूचना मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी की फुटेज की जांच की।
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इसमें पुलिस को एक बाइक का नंबर मिला। जांच में पता चला कि बाइक पानीपत हरियाणा के रहने वाले उमेश की है। पुलिस ने बाइक मालिक से पूछताछ की। उसने कहा कि बाइक चोरी हो गई है।
पुलिस ने फिर सीसीटीवी फुटेज जांची तो एक आरोपी पालम गांव की गली नंबर 7 में जाता दिखा। इसके बाद पुलिस ने पहचान कर निखिल को गिरफ्तार कर लिया।
उसने बताया कि बच्ची को विरेंद्र ने अगवा किया है। उसके घर का पता उसे नहीं मालूम था। वह विरेंद्र से ऑनलाइन मिला था। उसे नौकरी की जरूरत थी। विरेंद्र ने एक लाख रुपये का लालच देकर बच्ची को अगवा करने के लिए राजी कर लिया। पुलिस ने तकनीकी जांच कर निलौठी से विरेंद्र को गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया।
उसने बताया कि अपनी संतान नहीं होने की वजह से उसने वारदात की। पहले उसने गोद लेने की प्रक्रिया के लिए गुरुग्राम से कागजात का इंतजाम किया। फिर परिजनों को बताया कि वह कानूनी तौर पर बच्ची को गोद ले रहा है।
उसने बताया कि बच्ची को विरेंद्र ने अगवा किया है। उसके घर का पता उसे नहीं मालूम था। वह विरेंद्र से ऑनलाइन मिला था। उसे नौकरी की जरूरत थी। विरेंद्र ने एक लाख रुपये का लालच देकर बच्ची को अगवा करने के लिए राजी कर लिया। पुलिस ने तकनीकी जांच कर निलौठी से विरेंद्र को गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया।
उसने बताया कि अपनी संतान नहीं होने की वजह से उसने वारदात की। पहले उसने गोद लेने की प्रक्रिया के लिए गुरुग्राम से कागजात का इंतजाम किया। फिर परिजनों को बताया कि वह कानूनी तौर पर बच्ची को गोद ले रहा है।