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सरकारी स्कूलों की एक कक्षा में होंगे दो शिक्षक, दिशा-निर्देश जारी
Tue, 24 Sep 2019 04:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 24 Sep 2019 04:53 AM IST
सार
- स्कूल प्रमुख को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह छात्रों की आवश्यकता के अनुसार विषय शिक्षकों के बीच कार्य आवंटन करें
- इससे दोनों शिक्षक बच्चों के सीखने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे
- इससे यह लाभ होगा कि प्रत्येक बच्चे को उसके सवालों के जवाब मिल सकेंगे
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विस्तार
राजधानी के सरकारी स्कूलों में अब एक कक्षा में एक ही विषय के दो शिक्षक होंगे। यह व्यवस्था उन कक्षाओं में लागू होगी, जब दो कक्षाओं का विलय एक कक्षा के रूप में किया जाएगा। ऐसा 10वीं तक की कक्षाओं के लिए होगा और दो शिक्षकों का प्रत्येक पीरियड में रहना अनिवार्य होगा।
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शिक्षा निदेशालय का मानना है कि एक कक्षा में छात्रों की अधिक संख्या होने से एक शिक्षक के लिए प्रत्येक विद्यार्थी की जरूरत को प्रभावी तरीके से समझना मुश्किल होता है।
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उपशिक्षा निदेशक (स्कूल) की ओर से सरकारी स्कूलों के प्रमुखों को कक्षाओं के विलय करने से संबंधित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में कभी-कभी एक विषय के लिए दो कक्षाओं का विलय कर दिया जाता है।
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ऐसे में एक सेक्शन बनने पर एक ही शिक्षक द्वारा शिक्षा ली जाती है। निदेशालय ने निर्णय लिया है कि जब भी 10वीं तक की किसी कक्षा का विलय किया जाता है तो प्रत्येक पीरियड में एक ही विषय के दो शिक्षक होंगे।
स्कूल प्रमुख को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह छात्रों की आवश्यकता के अनुसार विषय शिक्षकों के बीच कार्य आवंटन करें। इससे दोनों शिक्षक बच्चों के सीखने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
इससे यह लाभ होगा कि प्रत्येक बच्चे को उसके सवालों के जवाब मिल सकेंगे। इससे उनकी सीखने की क्षमता में भी सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि कई सरकारी स्कूलों में एक ही कक्षा में तय सीमा से काफी अधिक बच्चे पढ़ते हैं। इसलिए एक शिक्षक के लिए बच्चों को संभालना काफी कठिन हो जाता है।
ये होगी व्यवस्था
दिल्ली में लगभग 1100 सरकारी स्कूल हैं। तय मानक के अनुसार एक कक्षा में करीब 45 विद्यार्थी होने चाहिए, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण एक कक्षा में आमतौर पर 60 से 80 बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए कक्षा विलय का निर्णय लिया गया है।
यह व्यवस्था इस तरह लागू होगी कि यदि किसी सेक्शन का शिक्षक नहीं आता है तो उस सेक्शन को दूसरे सेक्शन में मर्ज कर दिया जाएगा। मर्ज किए सेक्शन में पहले विषय के अलावा संबंधित विषय का दूसरा शिक्षक भी लगाया जाएगा, ताकि बच्चों को अच्छी तरह पढ़ाया जा सके। यदि बच्चे ज्यादा हैं तो उन्हें एक कक्षा के बजाय अलग-अलग सेक्शनों में मर्ज कर दिया जाएगा।