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दो कैदियों ने बनाया जेल से भागने का अनोखा प्लान

Sat, 05 Jul 2014 05:27 PM IST
Updated Sat, 05 Jul 2014 05:27 PM IST
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Two prisoners makes plans to escape prison

गुड़गांव पुलिस ने कुछ ऐसे दोस्तों की कहानी का खुलासा किया है, जो फिल्म शोले के जय-वीरू की तरह जेल से भागने की तैयारी कर रहे थे। 27 हत्या के आरोप में सजा काट रहे दो दोस्तों ने पहले कुछ ऐसे कैदियों से दोस्ती की जो कुछ दिनों बाद जेल से छूटने वाले थे। फिर उनको पूरा प्लान समझा दिया।

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प्लान के अनुसार जो दोस्त जेल से बाहर निकल गए थे वो बाहर जाकर सारा इंतजाम संभालेंगे। इसके बाद जेल में रह रहे दोनों दोस्त बीमार होने का नाटक करेंगे। और जैसे उनको इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया जाएगा, वहां दोनों रफूचक्कर हो जाएंगे। लेकिन पुलिस टीम ने शुक्रवार शाम छापेमारी जेल से उनके बैरक से पांच मोबाइल व दो सिम कार्ड बरामद किया।
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और दोनों का सारे प्लान का खुलासा हो गया। यही नहीं, दोनों की डीएलएफ इलाके से रिकवरी करने वाले दो युवकों से लाखों की लूट करने की योजना थी। जिसे निशाना बनाना था उसको चिह्नित कर चुके थे।

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पुलिस ने बाहर के दोस्तों को दबोचा

Two prisoners makes plans to escape prison

सीआईए 46 पुलिस ने झाड़सा फतेहपुर में रहने वाले दो बदमाशों को जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे साथियों को भगाने की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इस बात का भी खुलासा किया है कि दोनों की अलग-अलग दो प्वाइंटों पर रिकवरी करने वाले युवक से लूट की योजना भी थी।

वरिष्ठ संयुक्त पुलिस अधीक्षक अपराध विवेक शर्मा ने बताया कि सीआईए 46 की टीम ने जयप्रकायश उर्फ डब्बू निवासी किल्लौड़ पट्टी झाड़सा व कृष्ण कुमार उर्फ काले निवासी दोखकर ढाणी झाड़सा को सदर थाना क्षेत्र से दबोचा है।

जेल में बंद कैदियों का इतिहास

Two prisoners makes plans to escape prison

गुड़गांव शहर में 2004 से 2006 के बीच में लगातार 27 लावरिस शव मिले थे। जिसमें ज्यादातर लोग बाहर से नौकरी की तलाश या नौकरी करने वाले थे। भोंडाकलां गांव के रहने वाले आठ युवकों का सिरियल किलर गिरोह बन गया था।

जो मैक्सी कैब सवारी के रुप में बैठाते थे और लूट के बाद हत्या कर शव को किनारे लगा देते थे। सीआईए स्पेशसेल की तत्कालीन प्रभारी संजीव बल्हारा की ओर से इस गिरोह का खुलासा किया गया है। जिनको अलग-अलग अदालत से उम्र कैद की सजा हो चुकी है।

पुलिस के इस खुलासे में एक बार फिर माडर्न जेल भोंडसी की सुरक्षा पर सवाल उठ गया है। जेल में बंद कैदी की ओर से बाहर ताना-बाना बुना जा रहा है। उनके पास बैरक  में मोबाइल व सिम कार्ड मौजूद हैं। पुलिस जेल में बंद कैदियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेगी।

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