Delhi Fire News: दुकान में जूते खरीदने आए थे, आग की चपेट में आने से हो गई मौत; चार मृतकों में से दो की पहचान
चार मंजिला इमारत के भूतल पर सत्येंद्र की जूतों की दुकान थी। पहली मंजिल पर सत्येंद्र का पूरा परिवार रहता था जबकि दूसरी मंजिल पर अनीता अपने दो बच्चों के साथ रहती थीं।
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तिगड़ी इलाके में शनिवार रात जूते की दुकान में आग लगने के मामले में अभी तक दो ही मृतकों सत्येंद्र (38) और अनीता (38) की पहचान हो सकी है। बाकी दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आशंका जता रही है कि दोनों सत्येंद्र की दुकान पर जूता खरीदने के लिए आए थे। इस बीच आग लगी और वह वहीं फंस गए। पुलिस दोनों की पहचान के प्रयास कर रही है।
रविवार को क्राइम टीम व एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए। टीम आग लगने की सही वजहों का लगाने का प्रयास कर रही है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि दुकान के भीतर रखे पुराने फ्रिज में ब्लास्ट होने की वजह से आग लगी। रविवार को हादसे वाली गली को दोनों ओर से बंद कर जांच दल घटना स्थल से साक्ष्य जुटाने में लगा रहा।
फिलहाल सत्येंद्र का परिवार एक पड़ोसी के यहां हॉल में रुका हुआ है। दिनभर उनके घर रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। परिवार को चिंता सता रही है कि अब घर कैसे चलेगा। अनीता और सत्येंद्र के बच्चे उनको याद करके बुरी तरह रो रहे थे। पड़ोसी व परिजन उनको सांत्वना देने का प्रयास कर रहे थे।
अनीता व सत्येंद्र के बच्चे गए थे ट्यूशन, इसलिए बच गई जान
मूलरूप से एटा, यूपी निवासी सत्येंद्र उर्फ जिम्मी अपने परिवार के साथ बी-ब्लॉक तिगड़ी एक्सटेंशन में रहते थे। इनके परिवार में मां मिथिलेश (60) के अलावा पत्नी प्रियंका व चार और छह साल के दो बच्चे व छोटे भाई जितेंद्र हैं। पिछले करीब 30 वर्षों से इनका परिवार यहां रह रहा था।
चार मंजिला इमारत के भूतल पर सत्येंद्र की जूतों की दुकान थी। पहली मंजिल पर सत्येंद्र का पूरा परिवार रहता था जबकि दूसरी मंजिल पर अनीता अपने दो बच्चों के साथ रहती थीं। अनीता की 11 साल की बेटी व 15 साल का एक बेटा है। पारिवारिक विवाद के चलते पति इनके साथ नहीं रहते थे।
वहीं हादसे में झुलसी अनीता की बहन ममता आगरा, यूपी से दिल्ली घूमने के लिए आई थी। हादसे के समय अनीता के दोनों बच्चे पड़ोस में ट्यूशन के लिए गए थे। वहीं सत्येंद्र के दोनों बच्चे भी ट्यूशन के लिए गए थे। मां प्रियंका दोनों बच्चोें को लेने के लिए निकली थीं। सत्येंद्र की मां मिथिलेश घर के बाहर बैठी हुई थीं।
अवैध पेट्रोल बिक्री से इंकार...
सत्येंद्र के परिजन मनीष ने बताया कि अवैध पेट्रोल रखे होने की बात पूरी तरह से गलत है। आग भूतल पर रखे एक फ्रिज में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। फ्रिज काफी पुराना हो चुका था। आग लगते ही जूतों व अन्य सामान में तेजी से फैल गई। बाद में आग बेकाबू हो गई। इसमें फंसकर सत्येंद्र व बाकी लोगों की जान चली गई।