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Delhi NCR News: दो नमो भारत कॉरिडोरों को जल्द मिल सकती है मंजूरी
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दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ रूट पर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया, एनसीआर की कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के विस्तार को लेकर अहम जानकारी साझा की है। निगम के अनुसार, दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के बाद अब दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ कॉरिडोर को भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। इन दोनों परियोजनाओं के आगे बढ़ने से दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच तेज और सुविधाजनक आवागमन का रास्ता खुल सकता है।
प्रस्तावित कॉरिडोरों का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना है। दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर से हरियाणा के प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ कॉरिडोर से गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, दोनों परियोजनाओं को मंजूरी मिलने और निर्माण शुरू होने की समयसीमा को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
एनसीआरटीसी अन्य प्रस्तावित कॉरिडोरों पर भी काम कर रहा है। इनमें गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर शामिल हैं। ये परियोजनाएं फिलहाल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के चरण में हैं। इनके विकसित होने से एनसीआर के विभिन्न शहरों के बीच संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। निगम ने परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने के प्रयासों की भी जानकारी दी है। इसके तहत ‘सोलर ऑन ट्रैक’ पहल और 110 मेगावाट क्षमता के कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इन पहलों का मकसद स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना है। दोनों प्राथमिक कॉरिडोरों को मंजूरी मिलने पर दिल्ली-एनसीआर में क्षेत्रीय परिवहन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के विस्तार को लेकर अहम जानकारी साझा की है। निगम के अनुसार, दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के बाद अब दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ कॉरिडोर को भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। इन दोनों परियोजनाओं के आगे बढ़ने से दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच तेज और सुविधाजनक आवागमन का रास्ता खुल सकता है।
प्रस्तावित कॉरिडोरों का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना है। दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर से हरियाणा के प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ कॉरिडोर से गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, दोनों परियोजनाओं को मंजूरी मिलने और निर्माण शुरू होने की समयसीमा को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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एनसीआरटीसी अन्य प्रस्तावित कॉरिडोरों पर भी काम कर रहा है। इनमें गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर शामिल हैं। ये परियोजनाएं फिलहाल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के चरण में हैं। इनके विकसित होने से एनसीआर के विभिन्न शहरों के बीच संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। निगम ने परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने के प्रयासों की भी जानकारी दी है। इसके तहत ‘सोलर ऑन ट्रैक’ पहल और 110 मेगावाट क्षमता के कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इन पहलों का मकसद स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना है। दोनों प्राथमिक कॉरिडोरों को मंजूरी मिलने पर दिल्ली-एनसीआर में क्षेत्रीय परिवहन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
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