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दो महीने पहले गोद लिए बच्चों को लौटाना पड़ा, थाने में छलक पड़े दंपती के आंसू
Sun, 03 Nov 2019 03:32 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 03 Nov 2019 03:32 PM IST
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थाने में छलके आंसू
- फोटो : अमर उजाला
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शादी के 13 साल बाद निसंतान दंपती कोमला औलाद का सुख किस्मत ने एकाएक छीन लिया। मासूम भाई-बहन को गोद लिए दो महीने बाद ही उनके असल बाप ने वापस छीन लिया। बच्चे वापस लेने के लिए हत्या का झूठा आरोप लगाया। बच्चे लौटाने के दौरान दंपती आंसू रोक नहीं पाए। यह नजारा देख मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गई। पुलिस ने दंपती को ढांढस बंधाया।
मूलरूप से जिला फिरोजाबाद के सेमरा अतिकाबाद निवासी प्रदीप व सुनीता पति-पत्नी हैं। प्रदीप गांव में ही खेतीबाड़ी करता है। शादी के 13 साल बाद भी संतान प्राप्ति न होने पर उक्त दंपती गोद लेने के लिए काफी समय से बच्चे की तलाश कर रहे थे।
इस संबंध में प्रदीप ने सिहानी गेट के नंदग्राम में रहने वाली अपनी बहन कुसुम से भी किसी जरूरतमंद मां-बाप की तलाश करने को कहा था। काफी खोजबीन के बाद आखिरकार एक व्यक्ति उनकी जिंदगी में फरिश्ता बनकर आया।
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पत्नी बीमार, पिता ने बच्चों को गोद दिया
बहन कुसुम के जरिये प्रदीप का संपर्क उदलनगर, सिहानी गेट निवासी शीशपाल से हुआ। शीशपाल एमसीडी में कर्मचारी हैं। उनकी पत्नी ने गत 9 जून को बेटी खुशी को जन्म दिया, जबकि तीन साल का बेटा आभास पहले से था। खुद नौकरी करने तथा पत्नी के मानसिक रूप से बीमार होने के कारण शीशपाल दोनों बच्चों को प्रदीप को गोद देने के लिए राजी हो गए। लिखापढ़ी के बाद दोनों मासूम निसंतान दंपती को गोद दे दिए गए।
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मूलरूप से जिला फिरोजाबाद के सेमरा अतिकाबाद निवासी प्रदीप व सुनीता पति-पत्नी हैं। प्रदीप गांव में ही खेतीबाड़ी करता है। शादी के 13 साल बाद भी संतान प्राप्ति न होने पर उक्त दंपती गोद लेने के लिए काफी समय से बच्चे की तलाश कर रहे थे।
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इस संबंध में प्रदीप ने सिहानी गेट के नंदग्राम में रहने वाली अपनी बहन कुसुम से भी किसी जरूरतमंद मां-बाप की तलाश करने को कहा था। काफी खोजबीन के बाद आखिरकार एक व्यक्ति उनकी जिंदगी में फरिश्ता बनकर आया।
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पत्नी बीमार, पिता ने बच्चों को गोद दिया
बहन कुसुम के जरिये प्रदीप का संपर्क उदलनगर, सिहानी गेट निवासी शीशपाल से हुआ। शीशपाल एमसीडी में कर्मचारी हैं। उनकी पत्नी ने गत 9 जून को बेटी खुशी को जन्म दिया, जबकि तीन साल का बेटा आभास पहले से था। खुद नौकरी करने तथा पत्नी के मानसिक रूप से बीमार होने के कारण शीशपाल दोनों बच्चों को प्रदीप को गोद देने के लिए राजी हो गए। लिखापढ़ी के बाद दोनों मासूम निसंतान दंपती को गोद दे दिए गए।
दो माह बाद ही वापस लिए बच्चे
प्रदीप व उसकी पत्नी सुनीता दोनों मासूमों को अपने साथ फिरोजाबाद ले गए और उन्हें अपनी औलाद की तरह पालने लगे। करीब 15 दिन पहले शीशपाल ने प्रदीप की बहन कुसुम पर बच्चे वापस करने का दबाव डालना शुरू कर दिया। विरोध करने पर शीशपाल ने हंगामा काटना शुरू कर दिया।
डबल मर्डर का झूठा आरोप लगाया तो लौटा दिए मासूम
पुलिस के मुताबिक दंपती द्वारा बच्चे वापस करने से इन्कार करने पर शीशपाल ने पुलिस को फर्जी सूचना दे दी कि प्रदीप ने उनकी पत्नी व बेटे की चाकूसे गोदकर हत्या कर दी है। पुलिस पड़ताल में जुटी तो मामला बच्चों के वापस मांगने का निकला।
बात आगे न बढ़े इसके लिए दंपती दोनों बच्चों को लेकर शनिवार को सिहानी गेट थाने पहुंच गया, जहां लिखापढ़ी में दोनों मासूम लौटा दिए। बच्चे कलेजे से दूर होते ही प्रदीप और उसकी पत्नी दहाड़े मारकर रोने लगे। सिहानी गेट थाने के एसएसआई अशोक उपाध्याय ने बताया कि बच्चों को उनके असल पिता ने वापस ले लिया। दोनों पक्ष आपस में लिखापढ़ी कर चले गए।
डबल मर्डर का झूठा आरोप लगाया तो लौटा दिए मासूम
पुलिस के मुताबिक दंपती द्वारा बच्चे वापस करने से इन्कार करने पर शीशपाल ने पुलिस को फर्जी सूचना दे दी कि प्रदीप ने उनकी पत्नी व बेटे की चाकूसे गोदकर हत्या कर दी है। पुलिस पड़ताल में जुटी तो मामला बच्चों के वापस मांगने का निकला।
बात आगे न बढ़े इसके लिए दंपती दोनों बच्चों को लेकर शनिवार को सिहानी गेट थाने पहुंच गया, जहां लिखापढ़ी में दोनों मासूम लौटा दिए। बच्चे कलेजे से दूर होते ही प्रदीप और उसकी पत्नी दहाड़े मारकर रोने लगे। सिहानी गेट थाने के एसएसआई अशोक उपाध्याय ने बताया कि बच्चों को उनके असल पिता ने वापस ले लिया। दोनों पक्ष आपस में लिखापढ़ी कर चले गए।