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लोकनायक अस्पताल में दो महीने की बच्ची को नहीं मिला वेंटिलेटर, एक हफ्ते में दूसरा मामला

Sun, 03 Feb 2019 06:50 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 03 Feb 2019 06:50 AM IST
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Two-month-old girl did not get ventilator at Loknayak Hospital
लोकनायक अस्पताल - फोटो : social media

लोकनायक अस्पताल में तीन साल के फरहान को आठ दिन तक वेंटिलेटर न मिलने के बाद एक और ऐसा ही मामला सामने आया है। दो महीने की बच्ची को छह दिन तक परिजन अंबू बैग से सांस देने को मजबूर रहे, क्योंकि फरहान की तरह ही उक्त बच्ची के परिवार को भी अस्पताल प्रबंधन ने वेंटिलेटर की कमी का तर्क दिया था। हालांकि मीडिया को जानकारी मिलने के बाद शनिवार देर रात अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची को सीताराम भरतिया अस्पताल में रेफर करते हुए वेंटिलेटर मुहैया करवा दिया।

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मरीज के पिता मोहम्मद सितारे के मुताबिक, बच्ची को सांस लेने में तकलीफ और बुखार व जुकाम के चलते नरेला स्थित राजा हरिश्चंद्र अस्पताल लेकर गए थे। यहां से 28 जनवरी को बच्ची को  लोकनायक अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
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पिता के मुताबिक, लोकनायक अस्पताल में बच्ची का चेकअप करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अंबू बैग दिया और कहा कि वह इसे दबाकर बच्ची को सांस देते रहे। 28 जनवरी से 2 फरवरी तक वे बच्ची को अंबू बैग से सांस दे रहे थे। इस बीच बच्ची की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद डॉक्टर उसे आईसीयू भी ले गए थे, लेकिन फिर तबीयत में सुधार के बाद दोबारा अंबू बैग से सांस देते रहे।
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फरहान की हालत में सुधार नहीं
अस्पताल में आठ दिन से जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे फरहान को वेंटिलेटर तो मिल गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। फरहान के पिता का कहना है कि विभाग प्रमुख भी बच्चे के इलाज पर नजर रखे हुए हैं।


मरीज अधिक और सुविधाएं कम
हमारे पास जितनी सुविधाएं हैं, उससे कई गुना ज्यादा मरीज हैं। अस्पताल में इतनी जगह नहीं है कि नई सुविधाओं को शामिल किया जा सके। यदि इस बच्ची को हम वेंटिलेटर देते हैं या आईसीयू में रखते हैं तो वहां मौजूद दूसरे बच्चे को हटाना पड़ेगा। बच्चों के लिए सिर्फ पांच वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, जिनमें हर बेड पर दो बच्चों को लिटाया गया है। अस्पताल की जल्द ही 21 मंजिला इमारत तैयार हो जाएगी। उसके बाद अस्पताल में 1500 बेड बढ़ जाएंगे। इससे वेंटिलेटर व इमरजेंसी सेवाएं भी बढ़ेंगी।
-डॉ. किशोर सिंह, चिकित्सा निदेशक, लोकनायक अस्पताल

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