दिल्ली के दो बड़े जाम प्वाइंट होंगे खत्म: बनेगा 5.5 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर, 12 चौराहों का ट्रैफिक होगा बाईपास
आउटर रिंग रोड व मुकरबा चौक पर यातायात दबाव घटाने को दो बड़ी सड़क परियोजनाएं मंजूर हुईं। एलिवेटेड कॉरिडोर व आरओबी विस्तार से आवाजाही आसान होगी।
विस्तार
आउटर रिंग रोड पर मां आनंदमयी मार्ग और मुकरबा चौक पर यातायात का दबाव कम करने के लिए दो बड़े सड़क प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड तक करीब 5.5 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। यह करीब 12 चौराहों के ट्रैफिक को ऊपर से निकाल देगा। वहीं मुकरबा चौक पर मौजूदा छह लेन के आरओबी को 10 लेन किया जाएगा। जहांगीरपुरी औद्योगिक क्षेत्र से संजय गांधी परिवहन नगर के बीच चार लेन का नया आरओबी बनाया जाएगा। इन दोनों जगहों पर सड़क का दबाव घटने से रोजाना सफर करने वाले लोगों को आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में बुधवार को हुई एकीकृत यातायात एवं परिवहन अवसंरचना नियोजन एवं अभियांत्रिकी केंद्र (यूटीपेक) की 70वीं बैठक में दिल्ली के यातायात को सुधारने के लिए आठ बड़े फैसले लिए गए हैं। मां आनंदमयी मार्ग पर ओखला औद्योगिक क्षेत्र के पहले और दूसरे चरण से आने-जाने वाले वाहनों का दबाव रहता है। कई चौराहों पर वाहनों के रुकने से जाम बढ़ता है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर करीब 12 चौराहों को बाईपास करेगा। इससे वाहनों को बार-बार रुकने की जरूरत कम होगी और आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड की ओर आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
क्राउन प्लाजा चौराहे पर भी अंडरपास
ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास अंडरपास और गोलचक्कर बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इसका मकसद इस हिस्से में वाहनों के दबाव को कम करना है। जमीन पर वाहनों का दबाव घटने से पैदल चलने वालों और गैर मोटर चालित यातायात के लिए भी बेहतर व्यवस्था की जा सकेगी।
मुकरबा चौक पर 20 फीसदी ट्रैफिक घटाने की तैयारी
मुकरबा चौक पर मौजूदा छह लेन के आरओबी को बढ़ाकर 10 लेन किया जाएगा। इसके अलावा जहांगीरपुरी औद्योगिक क्षेत्र से संजय गांधी परिवहन नगर के बीच दिल्ली-सोनीपत रेल लाइन के ऊपर चार लेन का नया आरओबी बनाया जाएगा। इससे मुकरबा चौक से गुजरने वाले करीब 20 फीसदी वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलने का अनुमान है। इससे आउटर रिंग रोड पर मुकरबा चौक से मधुबन चौक के बीच और एनएच-44 के आसपास यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
छह मेट्रो स्टेशनों के आसपास भी बदलेगी व्यवस्था
बैठक में जीटीबी नगर, सरिता विहार, अक्षरधाम, रोहिणी पश्चिम, मालवीय नगर और शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशनों के लिए बहु-माध्यम एकीकरण योजनाओं को मंजूरी मिली। स्टेशन के करीब 300 मीटर के दायरे में पैदल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित आवाजाही और अंतिम छोर तक पहुंच बेहतर करने की योजना है।
दिल्ली के सभी 31 मेट्रो स्टेशनों की योजनाएं मंजूर
दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने दिल्ली के चरण एक और दो के मेट्रो गलियारों के 31 स्टेशनों के लिए मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन योजनाएं तैयार की थीं। अब इन छह योजनाओं के साथ सभी 31 योजनाओं को यूटीपेक की मंजूरी मिल चुकी है। बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली सरकार, यातायात पुलिस, मेट्रो, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, रेलवे और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इन 8 परियोजनाओं पर शुरू होगा काम
- मां आनंदमयी मार्ग एलिवेटेड कॉरिडोर- आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड तक 5.5 किलोमीटर लंबा छह लेन का ऊपरी मार्ग बनेगा। करीब 12 चौराहों का यातायात इसके ऊपर से निकलेगा।
- मुकरबा चौक यातायात सुधार- मौजूदा छह लेन आरओबी को 10 लेन किया जाएगा और जहांगीरपुरी औद्योगिक क्षेत्र से संजय गांधी परिवहन नगर तक चार लेन का नया आरओबी बनेगा। इससे करीब 20 फीसदी यातायात दूसरे रास्ते पर जाने की उम्मीद है।
- जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन- स्टेशन के आसपास अंतिम छोर तक बेहतर संपर्क, पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था होगी।
- सरिता विहार मेट्रो स्टेशन- मेट्रो तक पहुंच आसान करने और स्टेशन के आसपास पैदल आवाजाही को बेहतर बनाने की योजना है।
- अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन- स्टेशन के आसपास यात्रियों के लिए बेहतर संपर्क और विभिन्न परिवहन साधनों के बीच समन्वय की व्यवस्था होगी।
- रोहिणी पश्चिम(डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन)- स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही व अंतिम छोर तक संपर्क बेहतर होगा।
- मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन- स्टेशन के आसपास पैदल यात्रियों की सुरक्षा और मेट्रो तक पहुंच को सुगम बनाने की योजना है।
- शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन- स्टेशन क्षेत्र में पैदल आवाजाही, यात्री सुविधाओं और अंतिम छोर तक संपर्क को बेहतर किया जाएगा।