{"_id":"5dcf473e8ebc3e54f053ceaf","slug":"two-high-tech-thieves-arrested-for-cloning-cards-and-sending-data-to-germany","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्ड का क्लोन बनाकर जर्मनी भेजते थे डाटा, दो हाईटेक चोर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्ड का क्लोन बनाकर जर्मनी भेजते थे डाटा, दो हाईटेक चोर गिरफ्तार
Sat, 16 Nov 2019 06:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 16 Nov 2019 06:17 AM IST
विज्ञापन
arrest
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटीएम मशीन में स्कीमर मशीन लगाकर एटीएम के डाटा को क्लोन कर पैसा निकालने वाले गिरोह के दो बदमाशों को दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
यह बदमाश एटीएम से डाटा क्लोन कर उसे इंजीनियर के पास जर्मनी भेजते थे। वहां से यह डाटा एटीएम कार्ड में आता था। इसके बाद आरोपी एटीएम कार्ड से एटीएम से पैसे निकाल लेते थे।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस का दावा है कि यह आरोपी उत्तर भारत में करीब 500 लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। खास बात है कि इन्होंने क्लोनिंग का सारा सामान ऑनलाइन साइट अलीबाबा.कॉम से खरीदा था।
विज्ञापन
जिला पुलिस उपायुक्त देवेंद्र आर्य के अनुसार जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी दिनेश कुमार को जालसाजों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर दिनेश कुमार की देखरेख में एसआई मुकेश, शीक्षित व एएसआई अरविंद की टीम ने होती कैंप, महिपालपुर में घेराबंदी कर जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया।
इन जालसाजों की पहचान ककरौला, द्वारका निवासी कृष्णा गोपाल (22) और मंडावली निवासी सुमित गोला (30) के रूप में हुई। इन आरोपियों के कब्जे से 300 क्लोन कार्ड, स्कीमर डिवाइस, स्कैनर डिवाइस के साथ कैमरा, एक कार्ड रीडर मशीन, लोडेड देशी पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
इन्होंने पूछताछ में बताया कि उन्होंने क्लोनिंग करने का सारा सामान अलीबाबा साइड से ऑनलाइन खरीदा था। सामान को खरीदने के बाद कृष्णा ने सारे सामान को एकत्रित किया। इसके बाद यह स्कीमर डिवाइस आदि को एटीएम में लगा देते थे। यह स्कीमर डिवाइस को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, महाराष्ट्र, पुणे, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, हरियाणा व मध्यप्रदेश में लगाते थे।
सुमित 50-60 मीटर दूर से एटीएम पर नजर रखता था। डाटा को क्लोन कर उसे जर्मनी में एक इंजीनियर के पास भेजते थे। वह इंजीनियर इस डाटा को ठीक व कार्ड में लोड कर भेजता था। इसके बाद एटीएम से पैसे निकाले जाते थे।
आरोपियों ने यह भी बताया कि वह इस तरह करीब 500 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। यह जर्मनी के इंजीनियर को पैसा बिट्कॉइन में देते थे या फिर कैश उसके खाते में जमा करा देते थे।
जालसाज के संपर्क में आकर क्लोनिंग करने लगा
मूलरूप से अलीगढ़, यूपी निवासी कृष्ण गोपाल दिल्ली एनसीआर में टैक्सी चलाता था। वर्ष 2017 में यह एक जालसाज अजय चौधरी से मिला। इसके बाद यह अजय के गिरोह में शामिल हो गया। यह एटीएम लूटने के आरोप में वर्ष 2017 में कटक, उड़ीसा में गिरफ्तार हुआ था। कृष्णा से सुमित मार्च, 2019 में मिला था। जल्द ही दोनों दोस्त बन गए। कृष्णा गोपाल के खिलाफ कटक उड़ीसा व साहिबाबाद, गाजियाबाद में दो मामले पहले से दर्ज हैं।