सीसीआरटी के दो पूर्व अधिकारी गबन में धरे, 50 लाख रुपये हड़पने का है आरोप
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी) के दो पूर्व उच्च अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। 2015 से 2017 के बीच स्कॉलरशिप पाने वाले कलाकारों के करीब 50 लाख रुपये के गबन के इस मामले में पुलिस एक पूर्व आईटी प्रोग्रामर समेत 11 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, पूर्व निदेशक जीसी जोशी और पूर्व उप निदेशक वित्त अनिल कोहली गिरफ्तार किए गए हैं। जोशी 2011 से 2018 तक निदेशक और कोहली उप निदेशक वित्त थे। जोशी ने फरवरी 2018 में स्कॉलरशिप विभाग में वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए धोखाधड़ी की एफआईआर द्वारका साउथ थाने में दर्ज कराई थी।
हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के आधार केस की जांच मार्च 2018 में अपराध शाखा को सौंप दी थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने सीसीआरटी के पूर्व आईटी प्रोग्रामर संदीप समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया था।
स्कॉलरशिप पाने वाले कलाकारों की तैयार होती थी सूची
छानबीन में पुलिस को पता चला कि जोशी ने अगस्त 2011 में संदीप को संविदा पर आईटी प्रोग्रामर नियुक्त कर एकाउंट विभाग में तैनात कर दिया। यह विभाग अनिल कोहली के पास था। विभाग में स्कॉलरशिप पाने वाले कलाकारों की सूची तैयार होती थी। इसमें नाम, पते, निवास, बैंक खातों की जानकारी होती थी, ताकि स्कॉलरशिप का पैसा सीधे उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए।
संदीप ही यह सूची तैयार करता था। इसलिए उसे प्रक्रिया की खामियों की पूरी जानकारी थी। उसने साजिश रचकर जोशी और कोहली को भी शामिल कर लिया। उसने दोनों को गबन के पैसे में कमीशन का लालच दिया। आरोपी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम से मिलते-जुलते नाम वाले कलाकारों के बैंक खातों की जगह दूसरा बैंक खाता और नंबर डालते थे।
इससे स्कॉलरशिप का पैसा उस खाते में चला जाता था। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद खातों में पैसा न होने पर इनके बीच कमीशन को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद जीसी जोशी ने दिल्ली पुलिस में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करा दी।