सैंपल लेने गए थे बीआईएस के दो अधिकारी, झूठ बोल रहे हैं केजरीवाल: हर्षवर्धन
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केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारतीय मानक ब्यूरो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं। केजरीवाल पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने एक स्वायत्त संस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सैंपल की जांच के लिए बीआईएस के दो अधिकारी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में दिल्ली में दूषित पेयजल पर चल रहे सियासी घमासान पर शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो की जांच में दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, पटना, चेन्नई सहित 13 शहरों के सैंपल फेल पाए गए थे। सभी राज्यों की सरकार ने उसे स्वीकार करते हुए पानी की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में पहल कर दी है।
दूसरी तरफ केजरीवाल अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए दोषारोपण कर रहे हैं। पानी की वितरण प्रणाली में कमियां हैं, जिससे जलजनित बीमारियों से दिल्ली के अस्पताल भरे पड़े हैं। बीआईएस ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को बैठक में बुलाया था, लेकिन बोर्ड से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। केजरीवाल पानी से जुड़े तथ्यों को छुपा रहे हैं, क्योंकि पानी लगातार जहरीला बना हुआ है।
पानी की सप्लाई लाइन बदलने की जरूरत है। पाइप लाइन टूटी होने के कारण उसमें गंदा पानी मिल रहा है। प्रेसवार्ता को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी, राज्यसभा सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, सांसद प्रवेश साहिब सिंह और मीनाक्षी लेखी ने भी संबोधित किया।
दूषित पानी सियासी मुद्दा नही, जनजीवन को प्रभावित करता है : तिवारी
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में पानी का मुद्दा राजनीतिक और चुनावी नहीं है। यह लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाला है। भाजपा साफ पानी मिलने तक इस मुहिम को जारी रखने का संकल्प लेती है। उन्होंने कहा कि डेढ़ माह पहले जब दिल्ली में 300 जगहों से पानी के सैंपल लिए गए थे, उस वक्त सभी सैंपल फेल पाए गए थे। तब केजरीवाल ने राजनीति करते हुए कहा था कि दिल्ली से ही सैंपल क्यों लिए जा रहे हैं। भारतीय मानक ब्यूरो ने देश के 20 शहरों से सैंपल लिए, जिन उसमें दिल्ली के सभी 11 फेल हो गए। इसके बाद केजरीवाल कहने लगे कि पानी पर राजनीति हो रही है।
दूषित पानी पीने से बीमार हो रहे हैं लोग : गोयल
राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने भी आरोप लगाया कि एक तरफ दिल्ली की जनता को पूरा पानी नहीं मिल रहा है तो दूसरी तरफ लाइनों से लगातार लीकेज हो रही है। इसे दिल्ली जल बोर्ड बंद नहीं कर सका है और दूषित पानी की आपूर्ति से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बुराड़ी में भारतीय मानक ब्यूरो के दो अधिकारी सैंपल लेने गए थे, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय विधायक के दबाव में बुराड़ी निवासी ने झूठा बयान दिया है।
60 लाख लोग नहीं खरीद सकते आरओ का पानी : प्रवेश
सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता की उम्र 10 साल कम कर दी है। 60 लाख लोग ऐसे हैं जो आरओ या बोतलबंद पानी नहीं खरीद सकते हैं। बीते पांच वर्ष में बोर्ड को 7.5 लाख शिकायतें मिलीं, जिनमें 80 फीसदी सीवर के दूषित पानी से संबंधित है। इसके लिए केजरीवाल को दिल्ली की जनता से माफी मांगनी चाहिए। सांसद मीनाक्षी लेखी ने भी केंद्र की ओर से जारी 900 करोड़ रुपये का हिसाब न दिए जाने के आरोप लगाया।
भाजपा ने दिखाए वीडियो
पहला विडियो : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 2014, 2015 में पांच साल में पानी देने का वादा करते दिखे।
2016 में अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि दिसंबर, 2017 तक दिल्ली के हर घर में नल से आरओ का पानी दे देंगे
2019 में फिर केजरीवाल वादा करते दिखे कि 2024 तक पीने का पानी मुहैया कराएंगे
दूसरा वीडियो: दिल्ली के लोग बदबूदार और सीवर के पानी की नलों से आपूर्ति को दिखा रहे हैं।
तीसरी विडियो: मुख्यमंत्री दिल्ली में जगह-जगह वाटर टेस्ट लैब और लीकेज जांच केंद्र बनाना का वादा करते दिखाई दे रहे हैं।