योग्यता पर सवाल उठने के बाद AAP के 20 विधायक उठाएंगे ये बड़ा कदम
ऑफिस ऑफ प्राफिट मामले में फंसे 20 विधायकों की सदस्यता रद्द होने पर शनिवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बैठक की।
इसमें तय हुआ की चुनाव आयोग की कार्रवाई असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक है। विधायक अपना पक्ष रखने के लिए अब राष्ट्रपति का दरवाजा खटखटाएंगे। बैठक में 20 विधायकों के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सिसोदिया ने बताया की चुनाव आयोग ने बगैर हमारे विधायकों को सुने ही उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। यह किसी भी तरह लोकतांत्रिक नहीं है। सिसोदिया ने कहा कि हम राष्ट्रपति से इस मामले में समय लेंगे।
विधायकों के साथ जाकर सबूतों के साथ अपनी बात रखेंगे। उनसे गुजारिश करेंगे की वह फाइल को दोबारा चुनाव आयोग को भेजे और इस मामले में सुनवाई हो।
उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि कोई साबित करें की किसी भी विधायक ने एक भी रुपया लिया हो। सभी राज्यों में संसदीय सचिव है मगर सिर्फ आम आदमी पार्टी सरकार वाली दिल्ली सरकार के विधायकों पर ही कार्रवाई हो रही है।
'अच्छे कामकाज को डिरेल करने की कोशिश की जा रही है'
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई हमारी सरकार के अच्छे कामकाज को डिरेल करने की कोशिश है। हमारे विधायक बिना कोई पैसा लिए अनधिकृत कॉलोनियों में काम कर रहे हैं। मोहल्ला क्लीनिक बना रहे हैं। स्कूलों का कायाकल्प हो रहा है।
तीन सालों से हम सरकार में है मगर बिजली के दाम नहीं बढ़े। पानी व सीवर के कनेक्शन मुफ्त में दिए। आने वाले समय में हम वाई-फाई, शहर में सीसीटीवी देने जा रहे है तो बीजेपी को यह अच्छा नहीं लग रहा है। इसलिए हमारी सरकार को फिर से डिरेल करने की कोशिश हो रही है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम राष्ट्रपति के पास जा रहे हैं। कोर्ट का दरवाजा खुला हुआ है। अगर वहां भी हमें न्याय नहीं मिला तो सबसे बड़ी जनता की अदालत में भी जाएंगे। बीजेपी चाहती है चुनाव हो तो हम उसके लिए भी तैयार है। मगर सरकार हमें इस तरह अलोकतांत्रिक तरीके से डरा नहीं सकती है
राज्य संसदीय सचिव सैलरी (प्रतिमाह रूपये में)
पंजाब 24 40000
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