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ठगी के लिए बने थे ‘टीवी रिपोर्टर’
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 22 Feb 2014 01:07 AM IST
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न्यूज चैनल की आड़ में गोरखधंधा करने वालों पर पुलिस और चैनल एसोसिएशन सख्त हो गई है। दोनों ने मीडिया में काम करने वालों की स्क्रूटनी करने की बात कही है।
एसएसपी का कार्यभार देख रहे एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि फर्जी गैंगरेप मामले में आरोपी तथाकथित पत्रकारों से उनके चैनल ने पल्ला झाड़ लिया है।
बकौल एसपी देहात, उनके पास चैनल हेड का फोन आया था कि दोनों पत्रकार उनके यहां काम नहीं करते। उन्होंने चैनल हेड से लिखकर देने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि इसमें कुछ पुलिसवालों से भी इस तरह के फर्जी पत्रकारों से जुगलबंदी रहती है। ऐसे पुलिसवालों को भी चिंहित किया जाएगा।
वहीं, गाजियाबाद न्यूज चैनल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज चौधरी का कहना है कि गोरखधंधे करने वाले तथाकथित पत्रकारों की सूचना विभाग स्क्रूटनी करे, ताकि फर्जी पत्रकारों का पता चल सके।
इस तरह के लोग न सिर्फ न्यूज चैनलों को बल्कि पूरी मीडिया को बदनाम कर रहे हैं। इससे मीडिया की छवि पर फर्क पड़ रहा है।
कोर्ट में पीड़िता ने बताई पुलिस वाली कहानी
रेप का शिकार बताई जा रही युवती के शुक्रवार को एसीजेएम चतुर्थ के यहां 164 के बयान हो गए हैं। पीडि़ता ने वही कहानी बताई है जिसका बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा किया था। दूसरी तरफ आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक युवती ने बताया कि आरोपियों निगेश और शहजाद ने उसे जेई और बिल्डर के फोटोग्राफ दिखाकर कहा था कि इन्हें गौर से पहचान ले, ताकि पुलिसवाले क्रास सवाल करने लगे तो पोल न खुल जाए। गैंगरेप में फंसाने के लिए मांग जेई और बिल्डर की गिरफ्तारी के बाद की जानी थी।
मुकदमें से बचने को युवती बनी गवाह
सूत्रों के मुताबिक मुकदमे से बचने को युवती पुलिस की ‘गवाह’ बन गई। पुलिस ने युवती को पीड़िता ही माना है, जबकि वह षड्यंत्र का हिस्सा थी। इस केस में दो एफआईआर दर्ज हुई हैं, दोनों में युवती आरोपी नहीं हैं।
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एसएसपी का कार्यभार देख रहे एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि फर्जी गैंगरेप मामले में आरोपी तथाकथित पत्रकारों से उनके चैनल ने पल्ला झाड़ लिया है।
बकौल एसपी देहात, उनके पास चैनल हेड का फोन आया था कि दोनों पत्रकार उनके यहां काम नहीं करते। उन्होंने चैनल हेड से लिखकर देने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि इसमें कुछ पुलिसवालों से भी इस तरह के फर्जी पत्रकारों से जुगलबंदी रहती है। ऐसे पुलिसवालों को भी चिंहित किया जाएगा।
वहीं, गाजियाबाद न्यूज चैनल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज चौधरी का कहना है कि गोरखधंधे करने वाले तथाकथित पत्रकारों की सूचना विभाग स्क्रूटनी करे, ताकि फर्जी पत्रकारों का पता चल सके।
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इस तरह के लोग न सिर्फ न्यूज चैनलों को बल्कि पूरी मीडिया को बदनाम कर रहे हैं। इससे मीडिया की छवि पर फर्क पड़ रहा है।
कोर्ट में पीड़िता ने बताई पुलिस वाली कहानी
रेप का शिकार बताई जा रही युवती के शुक्रवार को एसीजेएम चतुर्थ के यहां 164 के बयान हो गए हैं। पीडि़ता ने वही कहानी बताई है जिसका बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा किया था। दूसरी तरफ आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक युवती ने बताया कि आरोपियों निगेश और शहजाद ने उसे जेई और बिल्डर के फोटोग्राफ दिखाकर कहा था कि इन्हें गौर से पहचान ले, ताकि पुलिसवाले क्रास सवाल करने लगे तो पोल न खुल जाए। गैंगरेप में फंसाने के लिए मांग जेई और बिल्डर की गिरफ्तारी के बाद की जानी थी।
मुकदमें से बचने को युवती बनी गवाह
सूत्रों के मुताबिक मुकदमे से बचने को युवती पुलिस की ‘गवाह’ बन गई। पुलिस ने युवती को पीड़िता ही माना है, जबकि वह षड्यंत्र का हिस्सा थी। इस केस में दो एफआईआर दर्ज हुई हैं, दोनों में युवती आरोपी नहीं हैं।