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Delhi Metro: तुगलकाबाद में मेट्रो लाइन का निर्माण, चलती ट्रेनों के बीच होगी सुरंग की खुदाई
Wed, 31 Aug 2022 11:19 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 31 Aug 2022 11:19 AM IST
सार
नई तकनीक की मदद से यह पहला ऐसा मौका है जब एक साथ रेलवे ट्रैक के नीचे इतनी संख्या में मेट्रो ट्रैक गुजर रहे हैं। रेलवे ट्रैक की चौड़ाई करीब 110 मीटर होगी, जबकि रेलवे ट्रैक और सुरंग के बीच करीब 15 मीटर का अंतराल होगा।
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delhi metro
- फोटो : istock
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विस्तार
ऊपर से गुजरती ट्रेनों की निर्बाध आवाजाही के बीच तुगलकाबाद में मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाएगा। तकनीक के मद पर तमाम चुनौतियों को पार करते हुए मेट्रो फेज-4 के तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर पर रेलवे की 17 पटरियों के नीचे से मेट्रो गुजरेगी।
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इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आधुनिक तकनीक अपनाएगा। खास बात यह है कि सुरंग और मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के दौरान दिल्ली-पलवल रूट पर ट्रेनों की आवाजाही भी निर्बाध जारी रहेगी। ट्रैक के 23 मीटर नीचे मेट्रो की लाइन गुजरेगी, जबकि 15 मीटर नीचे सुरंग का निर्माण किया जाएगा।
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नई तकनीक की मदद से यह पहला ऐसा मौका है जब एक साथ रेलवे ट्रैक के नीचे इतनी संख्या में मेट्रो ट्रैक गुजर रहे हैं। रेलवे ट्रैक की चौड़ाई करीब 110 मीटर होगी, जबकि रेलवे ट्रैक और सुरंग के बीच करीब 15 मीटर का अंतराल होगा। सुरंग बनाने के लिए कट एंड कवर का तरीका अपनाया जाएगा। इससे ट्रेनों की आवाजाही के बीच टनल बोरिंग मशीन से सुरंग की खुदाई जाएगी। टिल्टोमीटर, इनक्लाइनोमीटर सहित कई अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।
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साथ ही ट्रेनों की निर्बाध आवाजाही के लिए 24 घंटे रेल पटरियों और सुरंग की निगरानी की जाएगी। इसके लिए संवेदनशील उपकरण लगाए जाएंगे। ताकि निर्माण में कोई बाधा न आए। मंजूरी के बाद कार्यों की शुरुआत कर दी गई है और 2025 तक तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो जाने की उम्मीद है।
फेज-4 के तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर के 23.62 किलोमीटर में 4 एलिवेटेड स्टेशन और 11 भूमिगत स्टेशन होंगे। एलिवेटेड कॉरिडोर पर निर्माण चल रहा है। संगम विहार से आगे इस कॉरिडोर पर एक डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर भी तैयार किया जा रहा है।