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ट्रांसपोर्टरों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, मांगें नहीं माने जाने पर 19 को चक्का जाम करने की चेतावनी
Mon, 16 Sep 2019 11:05 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 16 Sep 2019 11:05 PM IST
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ट्रांसपोर्टरों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के बाद जुर्माने की राशि में बढ़ोत्तरी के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसपोर्टरों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान उन्होंने थर्ड पार्टी क्लेम के लिए 5 लाख रुपये तय करने, आयकर में 25 गुना बढ़ोत्तरी के आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे 19 सितंबर को चक्का जाम करेंगे। प्रदर्शन के बाद ट्रांसपोर्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय के अधिकारियों से मिला।
दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसपोर्टर सोमवार को जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए। यूएफटीए के चेयरमैन डॉ. सतीश सभरवाल ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की हालत ऐसी है कि वे कारोबार छोड़ने के कगार पर हैं।
उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो जाएगी कि कारोबार को छोड़ने वालों की तादाद और बढ़ जाएगी। इस दौरान, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के राजेंद्र सोनी ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों पर नए मोटर वाहन अधिनियम से नया बोझ थोप दिया गया है। ऐसे में अब काम करने की स्थिति नहीं है।
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इस दौरान उन्होंने थर्ड पार्टी क्लेम के लिए 5 लाख रुपये तय करने, आयकर में 25 गुना बढ़ोत्तरी के आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे 19 सितंबर को चक्का जाम करेंगे। प्रदर्शन के बाद ट्रांसपोर्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय के अधिकारियों से मिला।
दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसपोर्टर सोमवार को जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए। यूएफटीए के चेयरमैन डॉ. सतीश सभरवाल ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की हालत ऐसी है कि वे कारोबार छोड़ने के कगार पर हैं।
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उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो जाएगी कि कारोबार को छोड़ने वालों की तादाद और बढ़ जाएगी। इस दौरान, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के राजेंद्र सोनी ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों पर नए मोटर वाहन अधिनियम से नया बोझ थोप दिया गया है। ऐसे में अब काम करने की स्थिति नहीं है।
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