ट्रांसफर-पोस्टिंग विवाद फिर तेज, केंद्र पर AAP के गंभीर आरोप
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अधिकारियों की नियुक्ति और ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर केंद्र व दिल्ली सरकार में विवाद फिर तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तानाशाही तरीके और बिजनेस लॉबी के दबाव में ट्रांसफर पोस्टिंग का आरोप लगाया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय ने जो राह दिखाई थी उसी हिसाब से ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइल उपराज्यपाल केपास भेजकर स्वीकृति लेते थे। सब कुछ सेवा विभाग में ठीक चल रहा था।
गत सप्ताह केंद्र सरकार के निर्देश पर उपराज्यपाल ने राज्य सरकार से पूछे बिना पांच अधिकारियों का ट्रांसफर बाहर कर दिया। उसी में वैट आयुक्त विजय कुमार भी शामिल हैं। इन्हें रोकने केलिए हमने कोशिश की थी।
मोदी सरकार जवाब दें कौन सी लॉबी के दबाव में ट्रांसफर हुए
मनीष सिसोदिया ने कहा कि विजय कुमार ने बड़े कार डीलर, टैक्स का भुगतान नहीं करने वाले कारोबारी, एक इंटरनेशनल रेस्तरां चेन पर छापेमारी कर टैक्स चोरी पकड़ी थी।
इतना ही नहीं छापा मारकर जनकपुरी में एक ही जगह बैठकर मोबाइल फोन से 40 कंपनी का कारोबार करने वाले को पकड़ा था। कागजात की जांच चल रही है। इन बड़े बिजनेस लॉबी के कारण ही विजय कुमार के ट्रांसफर का कदम उठाए जाने की संभावना है।
सिसोदिया बोले कि नरेंद्र मोदी की सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर कौन सी लॉबी के दबाव के बाद ट्रांसफर किया गया? बड़े कर चोरों पर रेड की थी। वैट बढ़ रहा था। दिवाली का महीना है, वैट के लिए कठिन समय होता है। जो ईमानदार अधिकारी हैं, अलग-अलग जगह काम कर रहे हैं। बीच में वहां से हटाकर लगाना होगा। अब क्या इमरजेंसी थी जो राज्य सरकार से नहीं पूछा?