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खाते में पैसा ट्रांसफर, फिर भी कड़ाके की ठंड में छात्रों के पास नहीं जर्सी

अरुण कुमार, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Dec 2019 04:57 AM IST
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एमसी़डी स्कूल
एमसी़डी स्कूल
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राजधानी में कड़ाके की ठंड ने इस बार पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है। इसके बावजूद निगम के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे ठंड में बिना स्वेटर के ही पढ़ाई कर रहे हैं। 
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आलम यह है निगम ने बच्चों के खातों में वर्दी का पैसा ट्रांसफर करने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है और दूसरी ओर वर्दी के पैसे का अभिभावकों द्वारा दुरुपयोग की बात कही गई है। 
सवाल यह है कि बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए निगम की इस योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है और निगम कुछ नहीं कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर कुछ स्कूलों का अमर उजाला ने जायजा लिया लेकिन बच्चों के पास वर्दी और जर्सी ना होने का ठीकरा उनके अभिभावकों के सिर पर फोड़ा गया।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले कई स्कूलों में छात्रों के पास वर्दी ना होने का मुद्दा एक पार्षद ने हंगामे के साथ उठाया था। पार्षद ने आरोप लगाया कि दिसंबर का महीना जाने वाला है और उनके वार्ड के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पास वर्दी और जर्सी तक नहीं है। 

पार्षद के हंगामे के बीच  निगम अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया कि दिसंबर के अंत तक फंड आ जाएगा और उसके बाद बच्चों के खातों में वर्दी और जर्सी का पैसा भेजा जाएगा। 

इस बाबत शनिवार को अमर उजाला ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम मुख्यालय के पीछे मौजूद स्कूलों की हालत जानने की कोशिश की। तुकर्मान रोड, दिल्ली गेट इलाके में सिविक सेंटर के पीछे अलग-अलग तीन निगम विद्यालय हैं।

 यहां सबसे पहले निगम प्रतिभा विद्यालय (सह-शिक्षा) का जायजा लिया तो यहां पर स्कूल प्रबंधन ने छात्रों का फोटो लेने की अनुमति नहीं दी। जब एक स्कूल कर्मी से बच्चों के पास वर्दी और जर्सी ना होने को लेकर बात की गई तो बताया कि स्कूल में सितंबर में ही फंड आ गया था और तभी बच्चों के खातों में वर्दी के पैसे ट्रांसफर कर दिए गए थे, लेकिन अभिभावकों ने बच्चों को वर्दी और जर्सी नहीं दिलाई। इस स्कूल में काफी बच्चे बिना जर्सी के ठिठुरते हुए दिखे।

वहीं तुकर्मान रोड स्थित एम.सी. नर्सरी मॉडल स्कूल का जायजा लिया, तो यहां भी कक्षा में छात्रों के फोटो नहीं लेने दिए गए। हालांकि स्कूल के स्टाफ ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि सभी विद्यार्थियों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए हैं, लेकिन कुछ विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बच्चों को वर्दी और जर्सी नहीं दिलवाई। इस विद्यालय में भी काफी छात्र बिना जर्सी के दिखे।

क्या कहते हैं स्थायी समिति अध्यक्ष
इस संबंध में उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष जयप्रकाश से बात की तो उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों का वर्दी का पैसा दे दिया गया है। पैसा देने के बावजूद बच्चों के पास जर्सी ना होने पर उनसे सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो संबंधित अधिकारियों को निर्देश देेंगे कि उन विद्यार्थियों के बारे में पता करें, जिन्हें वर्दी नहीं दिलवाई गई और अभिभावकों से पैसे के बारे में पूछा जाएगा।

2015 तक छात्रों को मिलती थी वर्दी
दिल्ली नगर निगम शिक्षक संघ के एक सदस्य ने बताया कि वर्ष 2015 तक उत्तरी दिल्ली निगम विद्यालयों में छात्रों को वर्दी दी जाती थी। उसके बाद से छात्रों को उनके खातों में 1100 रुपए दिए जाते हैं। बताया गया कि जब से निगम ने यह योजना शुरू की है, इसका लाभ बच्चों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। जब छात्रों को वर्दी दी जाती थी तो छात्र उस वर्दी को पहनते थे, लेकिन अब पैसा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि निगम विद्यालयों में वही बच्चे पढ़ते हैं जिनके परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती। ऐसे में अभिभावकों को वर्दी का पैसा मिलता है तो वे अपनी अन्य जरूरतों पर पैसा खर्च कर देते हैं, जिससे छात्रों को इस योजना का लाभ मिल ही नहीं पाता।
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