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Delhi NCR News: सेक्टर-18 में बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था, ई-रिक्शा बन रहे जाम की वजह
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नो ई-रिक्शा जोन के बावजूद रजनीगंधा चौक से अट्टा पीर तक सड़क पर लग रही वाहनों की कतारें, त्योहारी सीजन में बढ़ी व्यापारियों की परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर का मिनी सीपी कहे जाने वाले सेक्टर-18 मार्केट में यातायात व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। बाजार में रोजाना उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए करीब एक साल पहले ट्रैफिक पुलिस ने रजनीगंधा चौक से अट्टा पीर तक नो ई-रिक्शा जोन बनाया था। इसका उद्देश्य बाजार में जाम की समस्या को नियंत्रित करना था, लेकिन समय बीतने के साथ व्यवस्था का असर कम होता दिखाई दे रहा है। प्रतिबंध के बावजूद ई-रिक्शा चालक सड़क के बीचोबीच वाहन खड़े कर सवारियों का इंतजार करते हैं। इससे बाजार में जाम लग रहा है और खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों के साथ व्यापारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
त्योहारी सीजन में बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है। व्यापारियों का आरोप है कि ई-रिक्शा चालक सवारी मिलने तक सड़क से हटते नहीं हैं। इससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कई बार अन्य वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती, जिससे यातायात बाधित होता है। व्यापारियों के मुताबिक, इसका सीधा असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है, क्योंकि जाम के चलते ग्राहक दुकानों और शोरूम तक नहीं पहुंच पाते।
अट्टा अंडरपास के पास भी बिगड़ रहे हालात
अट्टा अंडरपास के आसपास भी ऑटो और ई-रिक्शा के बेतरतीब खड़े होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। सवारी बैठाने और उतारने के लिए सड़क पर वाहन रोकने से व्यस्त समय में जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। व्यापारियों का कहना है कि केवल नो ई-रिक्शा जोन घोषित करने से समस्या दूर नहीं होगी। नियमों का सख्ती से पालन कराने के साथ उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी जरूरी है।
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क्या कहते हैं व्यापारी
मेरे शोरूम तक ग्राहक पहुंच ही नहीं पाते। नवरात्र चल रहे हैं, लेकिन ई-रिक्शा के जमावड़े के कारण लंबा जाम लग रहा है। इससे हमारे कारोबार पर असर पड़ रहा है।- वंदना मलिक, व्यापारी
नियम बनते हैं, लेकिन उनका उल्लंघन ज्यादा होता है। ई-रिक्शा प्रतिबंधित हैं, फिर भी चालक सड़क के बीचोंबीच कतार लगाकर खड़े रहते हैं। इस पर सख्ती होनी चाहिए।-नरेंद्र त्रिखा, व्यापारी
अगर ट्रैफिक पुलिस ठोस कार्रवाई करे तो जाम की समस्या खत्म हो सकती है। त्योहारों के दौरान बाजार में भीड़ बढ़ने के साथ यह परेशानी और गंभीर हो जाती है।-मनमोहन मोदी, व्यापारी
त्योहारों में बाजार में ज्यादा ग्राहक आते हैं। भीड़ के बीच ई-रिक्शा के जमावड़े के कारण लोगों को अपने वाहन खड़े करने की जगह तक नहीं मिलती।-डॉ. सीबी झा, व्यापारी
कार्रवाई की जाएगी
मैंने ट्रैफिक कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि जाम की स्थिति न बनने दी जाए। प्रमुख चौराहों पर टीमें तैनात हैं। जो वाहन जाम का कारण बनेंगे, उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।-सैय्यद अली अब्बास, डीसीपी ट्रैफिक
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर का मिनी सीपी कहे जाने वाले सेक्टर-18 मार्केट में यातायात व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। बाजार में रोजाना उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए करीब एक साल पहले ट्रैफिक पुलिस ने रजनीगंधा चौक से अट्टा पीर तक नो ई-रिक्शा जोन बनाया था। इसका उद्देश्य बाजार में जाम की समस्या को नियंत्रित करना था, लेकिन समय बीतने के साथ व्यवस्था का असर कम होता दिखाई दे रहा है। प्रतिबंध के बावजूद ई-रिक्शा चालक सड़क के बीचोबीच वाहन खड़े कर सवारियों का इंतजार करते हैं। इससे बाजार में जाम लग रहा है और खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों के साथ व्यापारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
त्योहारी सीजन में बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है। व्यापारियों का आरोप है कि ई-रिक्शा चालक सवारी मिलने तक सड़क से हटते नहीं हैं। इससे पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कई बार अन्य वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती, जिससे यातायात बाधित होता है। व्यापारियों के मुताबिक, इसका सीधा असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है, क्योंकि जाम के चलते ग्राहक दुकानों और शोरूम तक नहीं पहुंच पाते।
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अट्टा अंडरपास के पास भी बिगड़ रहे हालात
अट्टा अंडरपास के आसपास भी ऑटो और ई-रिक्शा के बेतरतीब खड़े होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। सवारी बैठाने और उतारने के लिए सड़क पर वाहन रोकने से व्यस्त समय में जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। व्यापारियों का कहना है कि केवल नो ई-रिक्शा जोन घोषित करने से समस्या दूर नहीं होगी। नियमों का सख्ती से पालन कराने के साथ उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी जरूरी है।
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क्या कहते हैं व्यापारी
मेरे शोरूम तक ग्राहक पहुंच ही नहीं पाते। नवरात्र चल रहे हैं, लेकिन ई-रिक्शा के जमावड़े के कारण लंबा जाम लग रहा है। इससे हमारे कारोबार पर असर पड़ रहा है।- वंदना मलिक, व्यापारी
नियम बनते हैं, लेकिन उनका उल्लंघन ज्यादा होता है। ई-रिक्शा प्रतिबंधित हैं, फिर भी चालक सड़क के बीचोंबीच कतार लगाकर खड़े रहते हैं। इस पर सख्ती होनी चाहिए।-नरेंद्र त्रिखा, व्यापारी
अगर ट्रैफिक पुलिस ठोस कार्रवाई करे तो जाम की समस्या खत्म हो सकती है। त्योहारों के दौरान बाजार में भीड़ बढ़ने के साथ यह परेशानी और गंभीर हो जाती है।-मनमोहन मोदी, व्यापारी
त्योहारों में बाजार में ज्यादा ग्राहक आते हैं। भीड़ के बीच ई-रिक्शा के जमावड़े के कारण लोगों को अपने वाहन खड़े करने की जगह तक नहीं मिलती।-डॉ. सीबी झा, व्यापारी
कार्रवाई की जाएगी
मैंने ट्रैफिक कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि जाम की स्थिति न बनने दी जाए। प्रमुख चौराहों पर टीमें तैनात हैं। जो वाहन जाम का कारण बनेंगे, उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।-सैय्यद अली अब्बास, डीसीपी ट्रैफिक