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कनॉट प्लेस में दिवाली मेले के खिलाफ व्यापारियों का मोर्चा
Wed, 23 Oct 2019 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 23 Oct 2019 06:49 AM IST
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लेजर शो का विरोध
- फोटो : अमर उजाला
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कनॉट प्लेस में 26 से 29 अक्तूबर तक प्रस्तावित दिल्ली सरकार के लेजर-लाइट शो और दिवाली मेले के दौरान कारों के प्रवेश पर प्रतिबंध के मुद्दे पर सभी व्यापारी संगठन एकजुट हो गए हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सभी शो रूम के बाहर सरकार विरोधी पोस्टर लगाकर विरोध शुरू कर दिया गया है।
नई दिल्ली ट्रेडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि सेंट्रल पार्क में दिवाली पर होने वाले लेजर लाइट शो और दीवाली मेले से व्यापारियों को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कारों के प्रवेश पर प्रतिबंध से त्योहारी सीजन में बचा-खुचा कारोबार भी ठप हो जाएगा। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को एसोसिएशन ने अन्य व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक बुलाई।
इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया गया। व्यापारियों ने कहा कि कनॉट प्लेस कॉमर्शियल सेंटर है। सरकार इसे कल्चरल सेंटर में तब्दील न करे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बुद्धा गार्डन जैसे बड़े व खुले स्थानों पर भी हो सकते हैं, लेकिन कनॉट प्लेस में कल्चरल आयोजन के चलते महज दर्शक ही यहां पहुंचेंगे।
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पहले ही इस कॉमर्शियल सेंटर के कारोबारी ग्राहकों के न आने से घाटा झेल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सीपी में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध न लगे। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में खरीदारी के लिए लोग कारों से आते हैं। जो लोग पैदल या सार्वजनिक वाहनों से पहुंचते हैं, उनमें बहुत कम खरीदार होते हैं।
कनॉट प्लेस स्थित डी-9 शोरूम के बाहर कारोबारियों ने सरकार के इस फैसले के विरोध में हाथों से बनाए गए पोस्टर चिपकाए। इन पोस्टरों के जरिये सवाल उठाया गया है कि कनॉट प्लेस में वाहनों पर प्रतिबंध से क्या महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।
यह भी कहा गया कि यह महज लेजर शो है या वोट बटोरने के लिए मेले का आयोजन है। पोस्टर पर लिखा गया कि बैन क्रैकर्स नोट कार। साथ ही, यह भी लिखा गया कि इस प्रतिबंध से होने वाले नुकसान की भरवाई क्या सरकार करेगी?
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नई दिल्ली ट्रेडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि सेंट्रल पार्क में दिवाली पर होने वाले लेजर लाइट शो और दीवाली मेले से व्यापारियों को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कारों के प्रवेश पर प्रतिबंध से त्योहारी सीजन में बचा-खुचा कारोबार भी ठप हो जाएगा। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को एसोसिएशन ने अन्य व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक बुलाई।
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इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया गया। व्यापारियों ने कहा कि कनॉट प्लेस कॉमर्शियल सेंटर है। सरकार इसे कल्चरल सेंटर में तब्दील न करे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बुद्धा गार्डन जैसे बड़े व खुले स्थानों पर भी हो सकते हैं, लेकिन कनॉट प्लेस में कल्चरल आयोजन के चलते महज दर्शक ही यहां पहुंचेंगे।
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पहले ही इस कॉमर्शियल सेंटर के कारोबारी ग्राहकों के न आने से घाटा झेल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सीपी में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध न लगे। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में खरीदारी के लिए लोग कारों से आते हैं। जो लोग पैदल या सार्वजनिक वाहनों से पहुंचते हैं, उनमें बहुत कम खरीदार होते हैं।
कनॉट प्लेस स्थित डी-9 शोरूम के बाहर कारोबारियों ने सरकार के इस फैसले के विरोध में हाथों से बनाए गए पोस्टर चिपकाए। इन पोस्टरों के जरिये सवाल उठाया गया है कि कनॉट प्लेस में वाहनों पर प्रतिबंध से क्या महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।
यह भी कहा गया कि यह महज लेजर शो है या वोट बटोरने के लिए मेले का आयोजन है। पोस्टर पर लिखा गया कि बैन क्रैकर्स नोट कार। साथ ही, यह भी लिखा गया कि इस प्रतिबंध से होने वाले नुकसान की भरवाई क्या सरकार करेगी?