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Trade Fair 2023: चंद्र उल्कापिंड का टुकड़ा और डायनासोर का अंडा भी मेले में, विज्ञान प्रेमियों की जुट रही भीड़

Sat, 25 Nov 2023 08:33 AM IST
आकाश दुबे आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 25 Nov 2023 08:33 AM IST
सार

केंद्रीय खनन मंत्रालय के पवेलियन में दो दर्जन से ज्यादा देशों से लाए गए आकर्षक खनिज पत्थर व जीवाश्म के नमूने यहां रखे गए हैं। इनमें से कुछ को यहां से खरीदा भी जा सकता है, लोग इनमें खासा दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं।

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Trade Fair 2023 Fragment of lunar meteorite and dinosaur egg also in fair
चांद के टुकड़े का पत्थर और डायनासोर का अंडा - फोटो : अमर उजाला/शुभम बंसल

विस्तार

प्राकृतिक खनिज पत्थर और क्रिस्टल पहली बार ट्रेड फेयर में एक साथ मौजूद हैं, जिनमें 40 ग्राम का एक चंद्र उल्कापिंड का टुकड़ा और डायनासोर का अंडा अनोखा है। विज्ञान और भूगोल के चाहने वालों को जैसे-जैसे इनका पता चल रहा, इन्हें देखने यहां भीड़ जुट रही है। केंद्रीय खनन मंत्रालय के पवेलियन में दो दर्जन से ज्यादा देशों से लाए गए आकर्षक खनिज पत्थर व जीवाश्म के नमूने यहां रखे गए हैं। इनमें से कुछ को यहां से खरीदा भी जा सकता है, लोग इनमें खासा दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं।

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प्रगति मैदान में आयोजित ट्रेड फेयर में चंद्रमा के उल्कापिंड का टुकड़ा देखना लोगों के लिए सबसे ज्यादा उत्साहवर्धक है। लोग अपने बच्चों के साथ इसे देखने आ रहे। पवेलियन निरीक्षकों के मुताबिक चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी गोलार्ध पर सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद सौर विज्ञान में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है, पवेलियन में इसे साफ तौर से देखा जा सकता है। लोग गंभीरता से इनकी जानकारी इकट्ठा कर रहे। समीर ने बताया कि माली गाऊ में गिरे चंद्रमा के उल्कापिंड के टुकड़े का नाम टिसरलिटाइन-003 है, जिसे केंद्रीय खनन मंत्रालय के पवेलियन में रखा गया है, इन अनोखे नमूनों को मैट्रिक्स इंडिया ने प्रदर्शित किया है।

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मेले में पहुंचे 80 हजार से ज्यादा लोग 
ट्रेड फेयर में शुक्रवार को सीजन की सबसे ज्यादा भीड़ जुटी, करीब 80 हजार से ज्यादा लोग मेले में पहुंचे। अपनी पसंद का उत्पाद खरीदा और मेले का आनंद उठाया। राज्यों, निजी कंपनियों के पवेलियन, फूड कोर्ट, एंफी थियेटर सब समान रूप से खचाखच भरे रहे। विदेशी पवेलियन में सबसे ज्यादा भीड़ दिखी। शाम ढलने के साथ मेले में भीड़ बढ़ती नजर आई। शाम पांच बजे तक मेले में सबसे ज्यादा लोग रहे। अगले दो दिन वीकेंड और सोमवार को गुरुनानक देव जयंती पर अवकाश होने के कारण मेले में भीड़ और ज्यादा होगी। आईटीपीओ ने अनुमान लगाया है कि इस बीच करीब एक लाख तक आगंतुक मेले में आ सकते हैं।

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आखिरी तीन दिन मेले में भीड़ का टूट सकता है रिकॉर्ड
दिल्ली और आस-पास के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत के लोगों को ट्रेड फेयर का बेसब्री से इंतजार रहता है। छुट्टी और वीकेंड में ट्रेड फेयर में हर साल भीड़ रिकॉर्ड तोड़ती है। इस बार भी आखिरी तीन दिन मेले में भीड़ का रिकॉर्ड टूट सकता है। पहली बार इस बार प्रगति मैदान के 1.10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पूरी क्षमता से ट्रेड फेयर लगा है। पिछले साल इसका दायरा करीब 73 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल रहा। आईटीपीओ के उप महाप्रबंधक मेला विभाग कृष्ण कुमार ने कहा, कि मेला क्षेत्र बढ़ा है, इसलिए मेले में अधिकतम भीड़ बढ़ने पर भी लोगों को परेशानी नहीं होगी। इस बार मेले में करीब 12 लाख आगंतुकों के जुटने की संभावना है।

कलाकारों से लाइव सीख रहे लोग काम
ट्रेड फेयर में बड़ी संख्या में कलाकार लाइव उत्पाद तैयार कर रहे हैं। लोग इसे देख और सीख रहे। शोजनी शॉल, रेशम के धागे, मैथिली पेंटिंग बनते हुए देख रहे। बांस, काश, सुतली के उत्पाद बनाना सीख रहे हैं। हैंड मेड पेपर निर्माण, तेल निर्माण की विधियां भी लाइव सिखाई जा रही हैं। छोटे उत्पाद जैसे फूलों से अगरबत्ती, धूपबत्ती इत्यादि भी बनाकर सिखा रहे। शुक्रवार को इन सभी कलाकारों के पास भीड़ लगी रही। बरतन की दुकानों, सजावटी सामान की दुकानों पर भी खूब भीड़ रही। खाने-पीने के स्टाल भी खचाखच भरे रहे।

युवाओं और बच्चों ने बढ़ाई मेले में रौनक
मेले में महिलाएं, युवा, स्कूल ड्रेस में बच्चे घूमते नजर आए। कई स्कूलों ने शिक्षकों के साथ बच्चों को मेले में भेजा। सोनीपत के सर छोटू राम मॉडर्न सीनियर सेकेंड्री स्कूल के करीब 300 बच्चे शिक्षकों के साथ मेला घूमने आए। खादी पवेलियन में इन बच्चों ने महात्मा गांधी के कटआउट के साथ सेल्फी ली, चरखे की जानकारी जुटाई, चरखा चलाया। एक से दूसरे पवेलियन घूमा, पसंद की चीजें खरीद कर खाई। कैंडी की दुकानों पर खूब भीड़ थी। मेले में भीड़ बढ़ने के साथ अफगानिस्तान के मेवे की बिक्री भी बढ़ गई। विदेशी पवेलियन में 13 देश से उत्पाद आए हैं। लेकिन सबसे ज्यादा स्टाल अफगानिस्तानी मेवे के हैं, जिनमें करीब 20 तरह के मेवे शामिल हैं। चिलगोजा की कीमत सबसे ज्यादा है। ये 4500 रुपये किलो से लेकर 8000 रुपये किलो तक बिक रहा। अखरोट, बादाम, किशमिश की अनेक बेरायटी यहां मिल रही है।

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