फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

पढ़िए, अरविंद केजरीवाल की पांच सबसे बड़ी गलतियां

Wed, 21 May 2014 04:49 PM IST
Updated Wed, 21 May 2014 04:49 PM IST
विज्ञापन
top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

दिल्ली में छिड़ी सत्ता की जंग के लिए आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल की भूमिका सबसे अहम हैं। दिल्ली में आज जो भी राजनीतिक संकट चल रहा है वह कहीं न कहीं केजरीवाल की ही देन है।

विज्ञापन


49 दिनों तक सत्ता चलाने के बाद मैदान छोड़कर भागे अरविंद केजरीवाल ने पार्टी बनाने से लेकर लोकसभा चुनाव लड़ने तक अपनी ही मर्जी से काम किये हैं, जिसका खामियाजा न सिर्फ पार्टी को भुगतना पड़ा बल्कि आम आदमी का भरोसा भी टूटा।
विज्ञापन


दिल्ली की जनता से माफी मांगने वाले केजरीवाल ने वैसे तो कई गलतियां की है। आगे की स्लाइड में जानिए केजरी की पांच सबसे बड़ी गलतियां:

कांग्रेस के साथ बनाई सरकार

top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

पिछले साल दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों में चमत्कारिक जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने सत्ता के लालच में आकर अपनी सबसे बड़ी कसम तोड़ दी।

चुनाव जीतने से पहले ही केजरीवाल ने अपने बच्चों कसम खाकर ऐलान किया था कि वह बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के साथ मिलकर कभी भी सरकार नहीं बनाएंगे, लेकिन बाद में वह मुकर गए और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली।

केजरीवाल ने दिल्ली की जनता का इस्तेमाल भी अपने राजनीतिक सुख के लिए किया। सरकार बनाते वक्त तो जनता की राय ली लेकिन इस्तीफा देने से पहले उसी जनता को भूल गए।

नियमों को न मानने की जिद

top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

दिल्‍ली सत्ता हासिल करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने नियमों और संविधान की भी अनदेखी शुरू की दी। पार्टी के विधायक टोपियां पहनकर विधानसभा में पहुंच गए तो खुद अरविंद केजरीवाल ने अपने ही फैसले थोपने की कोशिश की।

जनलोकपाल बिल पास कराने के मामले में भी केजरीवाल ने संवैधानिक प्रक्रिया से अलग हटकर बिल पास कराने की कोशिश की।

दरअसल नियमों के मुताबिक गृह मंत्रालय की मंजूरी के बगैर जनलोकपाल बिल को विधानसभा में पेश नहीं किया जा सकता था। इस मामले में केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय ने भी यही बात कही थी, लेकिन केजरीवाल अपनी जिद पर अड़े रहे। जिसका नतीजा यह हुआ कि बिल गिर गया।

विज्ञापन

रेल भवन पर धरना

top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

चुनाव के बाद अपने वादे से मुकरते हुए सरकारी बंगला लेने के मामले में भी केजरीवाल ‌की जमकर आलोचना हुई। यही नहीं केजरीवाल के बेलगाम सिपाहियों ने भी उनकी जमकर फजीहत कराई।

'आप' सरकार में मंत्री रहे सोमनाथ भारती ने खिड़की एक्टेंशन पर विदेशी महिलाओं पर सेक्स रैकट चलाने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस को रेड डालने का आदेश दिया और जब ऐसा नहीं हुआ तो वह पुलिस अधिकारियों से ही भिड़ गए। यही नहीं, उन्होंने खुद विदेशी महिलाओं के घरों में घुसकर बवाल किया।

इस मामले में केजरीवाल ने कोई एक्‍शन लेने के बजाय पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने और दिल्ली पुलिस पर सरकार का हक होने की मांग करते हुए अपनी पूरी कैबिनेट के साथ रेल भवन पर धरना शुरू कर दिया।

जनता की अनदेखी कर सरकार से इस्तीफा

top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

दिल्ली में सरकार बनाने से पहले जनता की राय लेने वाले अरविंद केजरीवाल इस्तीफा देते वक्त जनता को नजरअंदाज कर गए और यही उनकी सबसे बड़ी खामी बन गई।

जनलोकपाल बिल पास न होने से नाराज केजरीवाल ने 14 फरवरी को अपना इस्तीफा उपराज्यपाल को सौंप दिया और साथ ही विधानसभा भंग करने की भी मांग की। इसके बाद ही दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लग गया।

केजरीवाल सरकार के इस्तीफे से जहां उनकी किरकिरी हुई और इसका नतीजा लोकसभा चुनावों में साफ नजर आया।

बनारस के चक्कर में गवां दी सत्ता!

top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

दिल्ली में 'आप' की सरकार बनने और फिर इस्तीफा देने के पीछे एक मात्र कारण लोकसभा चुनाव को माना जा रहा है। दरअसल केजरीवाल का प्लान ये था कि दिल्ली की सत्ता में रहते हुए उनका चुनाव प्रचार अभियान ठीक से नहीं चल पाएगा, इसलिए उन्होंने सरकार से इस्तीफा दे दिया।

इस्तीफा देने की इस गलती के बाद केजरीवाल ने गलतियों का पहाड़ खड़ा कर दिया। 434 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी का सारा जोर केजरीवाल की बनारस सीट पर रहा और इसका खामियाजा यह हुआ कि 421 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

लोकसभा चुनावों में 'आप' को महज 4 सीटें मिलीं और केजरीवाल खुद भी चुनाव हार गए। चुनावी महासमर में केजरीवाल की एक गलती ने पूरी पार्टी की लुटिया डुबो दी।

खुद बढ़ा लीं अपनी मुसीबतें!

top five mistakes of aap leader arvind kejriwal

इनके अलावा भी केजरीवाल ने एक के बाद एक कई ऐसी गलतियां कीं जिनका खामियाजा पार्टी को भी भुगतना पड़ा। रामलीला मैदान में विधानसभा सत्र बुलाने की जिद हो या फिर सरकारी बंगला न लेने का वादा करके मुकर जाना।

चुनाव के दौरान भ्रष्ट नेताओं की सूची जारी करके भी केजरीवाल ने अपनी मुसीबतें बढ़ाईं। इस मामले में केजरीवाल को फिलहाल 2 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

केजरीवाल के इन फैसलों से पार्टी के भीतर भी फूट पड़नी शुरू हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed