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ठंड बढ़ने से बदले नियम: AIIMS OPD पर्ची के लिए चाहिए टोकन, तो जाना होगा आश्रय; गेट नंबर 6 पर रात को रुकना मना

Sat, 18 Jan 2025 03:26 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 18 Jan 2025 03:26 AM IST
सार

एम्स की चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि एम्स में एक मरीज के साथ एक तीमारदार को रखने की अनुमति है। इनके लिए 1500 बिस्तरों वाले 4 विश्राम सदन हैं। इसमें से 559 बिस्तर मुख्य परिसर में उपलब्ध हैं। 

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token for AIIMS OPD slip have to go to Aashraya Stop staying at night at Gate No. 6
दिल्ली एम्स - फोटो : ANI

विस्तार

एम्स प्रशासन ने ओपीडी पर्ची के टोकन के लिए अब मरीज समेत तीमारदार गेट नंबर-6 पर नहीं रूक सकेंगे। उनको एम्स ट्रामा सेंटर में बने सीआरपीएफ के आश्रय में भेजा जा रहा है। इससे पहले मरीजों का पंजीकरण होता है। इसके आधार पर ही सुबह टोकन मिलना मुमकिन होगा। इसके लिए एम्स प्रशासन ने स्पेशल शटल सेवा शुरू की है। रात 9 बजे से 11 बजे के बीच एम्स का स्टाफ गेट नंबर 6 के नजदीक बैठे मरीजों व उनके परिजनों का पंजीकरण आश्रय छोड़कर आते हैं। वहीं, सुबह आश्रय से ओपीडी तक भी मरीजों को पहुंचाया जाता है।

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राहुल गांधी के आने के बाद बदले एम्स ने नियम
दरअसल, बृहस्पतिवार देर रात नेता विपक्ष व कांग्रेस नेता राहुल गांधी एम्स के गेट नंबर एक के पास पहुंचे थे। साथ ही उन्होंने वीडियो जारी कर मरीजों की समस्या को रखा था। इस पर एम्स प्रशासन का कहना है कि गेट नंबर एक के पास अंडर पास की व्यवस्था पुलिस देखती है। एम्स ने मरीज और तीमारदार के लिए चार जगह व्यवस्था की है। बावजूद इसके कुछ लोग गेट नंबर एक के पास बने सबवे में रुकते हैं।

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मरीज के साथ एक तीमारदार के रुकने की सुविधा
एम्स की चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि एम्स में एक मरीज के साथ एक तीमारदार को रखने की अनुमति है। इनके लिए 1500 बिस्तरों वाले 4 विश्राम सदन हैं। इसमें से 559 बिस्तर मुख्य परिसर में उपलब्ध हैं। टोकन के लिए आने वाले मरीजों को ट्रामा सेंटर में बने आश्रय में ले जाया जाता है। यहां 9 जनवरी से यहां 1777 मरीज व तीमारदार रुके। इसके अलावा साईं विश्राम सदन में रोज 100, राजगढ़िया विश्राम सदन में रोज 149 लोग रुके, जबकि एम्स ट्रामा सेंटर में बने भाऊराव देवरस सेवा न्यास विश्राम सदन में क्षमता से कुछ बिस्तर खाली रहे। उनका कहना है कि बिस्तरों की उपलब्धता की निगरानी के लिए विश्राम सदन में एक डैशबोर्ड है।

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एम्स प्रशासन का कहना है कि ऐसा देखा गया है कि कुछ लोग मुफ्त भोजन और कंबल की सुविधा के लिए बाहर रुख जाते हैं। वह एम्स के मरीज या उनके तीमारदार नहीं होते। इस पर कार्रवाई करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सूचित किया गया है।

सुविधाओं का होगा विस्तार
एम्स में मरीजों की सुविधा के लिए अंसारी नगर पश्चिम में करीब दो हजार बिस्तरों वाले एक नए मेगा विश्राम सदन के निर्माण पर काम कर रहा है। इनके निर्माण के लिए एम्स ने सरकार और पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री से अतिरिक्त विश्राम सदन के निर्माण के लिए भूमि और स्थान की मांग रखी है।

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