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भगवान ने बचाया: मच्छर भगाने वाली लिक्विड पी गया डेढ़ साल का बच्चा, कई अंगों ने किया काम करना बंद; ऐसे बची जान

Fri, 19 Jun 2026 10:24 PM IST
विकास कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Fri, 19 Jun 2026 10:24 PM IST
सार

अस्पताल ने अभिभावकों को सलाह दी है कि मच्छर भगाने वाले लिक्विड, कीटनाशक और अन्य रसायन बच्चों की पहुंच से दूर रखें। 

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Toddler survives multi-organ complications after poisoning from mosquito-repellent
मच्छर भगाने वाली लिक्विड पी गया डेढ़ साल का बच्चा - फोटो : अमर उजाला/AI

विस्तार

राजधानी दिल्ली में 19 महीने के एक बच्चे ने गलती से मच्छर भगाने वाली लिक्विड (मॉस्किटो रिपेलेंट) पी ली, जिसके बाद उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। जहर शरीर में पहुंचने के साथ ही बच्चे के फेफड़ों, किडनी समेत कई अंग प्रभावित हो गए और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद डॉक्टरों ने उसे बचा लिया।

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नई मॉस्किटो रिपेलेंट रिफिल बोतल पी गया
दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के अनुसार, बच्चे को अत्यंत गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने बताया कि बच्चा घर में रखी नई मॉस्किटो रिपेलेंट रिफिल बोतल तक पहुंच गया और संभवतः उसमें मौजूद लगभग पूरा तरल पदार्थ निगल गया। इसके कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

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पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में रखना पड़ा
डॉक्टरों ने बताया कि जहरीले तरल पदार्थ के कारण बच्चे को केमिकल न्यूमोनाइटिस, एस्पिरेशन निमोनिया, गंभीर एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, शॉक, किडनी की गंभीर समस्या और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन जैसी जटिलताएं हो गईं। उसे लंबे समय तक पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में रखना पड़ा।

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बढ़ गया था अधिक खतरा
अस्पताल के अनुसार, एक समय ऐसा भी आया जब बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर खतरनाक रूप से नीचे चला गया और उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद बेहद कम दिखाई दे रही थी। इलाज के दौरान एडवांस वेंटिलेशन, इनोट्रोपिक सपोर्ट, किडनी सपोर्ट और ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए विशेष उपचार दिए गए।

 न्यूरोलॉजिकल क्षति से भी बच गया मासूम
लगातार प्रयासों के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को किसी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल क्षति भी नहीं हुई है।
 

बच्चों से दूर रखें कीटनाशक
अस्पताल ने अभिभावकों को सलाह दी है कि मच्छर भगाने वाले लिक्विड, कीटनाशक और अन्य रसायन बच्चों की पहुंच से दूर रखें। साथ ही ऐसे उपकरणों और रिफिल बोतलों को इस्तेमाल से पहले जांच लें कि उनमें कोई रिसाव, ढीला हिस्सा या खराबी तो नहीं है।

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