तो इस वजह से किशोर देखते हैं पॉर्न, पीते हैं शराब और सिगरेट
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किशोर गलत रास्ते पर जा रहे हैं। स्कूल गोइंग छात्र नियम कायदे से बेपरवाह वो हर काम कर रहे हैं, जिसमें उन्हें मजा आता है। 71 फीसदी किशोर ‘कूल’ दिखने के लिए शराब और सिगरेट पीते हैं।
46 फीसदी पोर्न फिल्में देख रहे हैं और 82 फीसदी छात्रों का एक तिहाई समय किसी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन चैटिंग में बीतता है। फोर्टिस अस्पताल के मेंटल हेल्थ एंड बिहेवियरल साइंस विभाग के निदेशक डॉ. समीर पारिख द्वारा सर्वे में इसका खुलासा हुआ है।
किशोरों में हो रहे बदलाव को लेकर अस्पताल के इस विभाग द्वारा दिल्ली-एनसीआर के 1086 स्कूल गोइंग छात्रों के बीच अलग-अलग समय में अलग-अलग पहलूओं पर सर्वे किया गया।
गलत प्रवृत्ति फिल्मों के जरिए उनमें बढ़ रही है
इस सर्वे में पाया गया कि किशोर में एडवेंचर के नाम पर रिस्क लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। कम उम्र के किशोर में पोर्न फिल्में देखना, धूम्रपान और नशा करने की गलत प्रवृत्ति फिल्मों के जरिए उनमें बढ़ रही है।
डॉ. समीर पारिख ने बताया कि करीब एक साल तक किशोरों के व्यवहार पर अध्ययन के बाद पाया गया कि 60 फीसदी किशोरों का मानना है कि नियम तोड़ने के लिए ही बनते हैं।
71 फीसदी किशोर अपने को ‘कूल’ दिखाने के लिए सिगरेट और शराब पीते हैं। 57 फीसदी किशोरों ने माना है कि फिल्म में सुपरस्टार को देखने के बाद उसे अपने जीवन में अपनाया है।
जीवन में हर काम एक बार जरूर करना चाहते हैं।
अध्ययन करने वाले डॉक्टर ने बताया कि किशोर अपने अभिभावक से भी बहुत सीखते हैं। 49 फीसदी किशोर मानते हैं कि उन्होंने ड्राइविंग के दौरान अपने पैरेंट्स को फोन पर बात करते या मैसेज करते देखा है।
जिसे बाद में अपनाया। वहीं, 66 फीसदी किशोर बिना किसी डर के स्टंट जैसे खतरनाक काम करते हैं। 70 फीसदी किशोर रिस्क लेने और एडवेंचर के नाम पर खतरा लेने से नहीं हिचकिचाते हैं।
वहीं 61 फीसदी युवा मानते हैं कि जीवन में हर काम एक बार जरूर करना चाहते हैं।
आंकड़ों पर एक नजर
-46 फीसदी देखते हैं पोर्न फिल्म
-26 फीसदी ने कभी न कभी अपने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की
-41 फीसदी 18 साल से पहले चलाते हैं कार या बाइक
-82 फीसदी अनजान व्यक्ति से करते हैं चैट
-19 फीसदी खुद और दूसरे का फोटो सोशल साइट पर करते हैं शेयर
-75 फीसदी रिस्क लेने के व्यवहार के बारे में जागरूक हैं
-55 फीसदी मानते हैं कि रिस्क लेने की प्रवृत्ति दोस्तों को देखकर सीखी।