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जख्म भुलाने के लिए दूसरे शहर का सहारा, चेन्नई जाएगा परिवार

Wed, 07 Oct 2015 02:48 AM IST
Updated Wed, 07 Oct 2015 02:48 AM IST
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to forget the Scarred akhlaq family will be go to Chennai

जख्मों को भुलाने के लिए दानिश और सरताज चेन्नई का सहारा ले सकते हैं। दानिश के चाचा अफजाल ने बताया कि दानिश का भाई सरताज उसे और परिवार को अपने साथ ही रखना चाहता है।

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जब तक उसकी सेहत में सुधार नहीं आता है, तब तक सरताज उसके साथ रहेगा। हालत में सुधार आने के बाद सरताज उसे और परिवार को अपने साथ चेन्नई लेकर जाने की तैयारी में है, जिससे वह यहां हुए हादसे को भुला सके।
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परिवार के मुताबिक, बिसाहडा की घटना से उन्हें मानसिक आघात लगा है।

सदमे से उबरने के लिए शहर बदलेगा परिवार

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ऐसे में जरूरी है कि कुछ समय के लिए उनको दूसरी जगह ले जाया जाए, जिससे परिवार सहित दानिश और सरताज को इस सदमे से उबरने का मौका मिल सके।


डीएम एनपी सिंह का कहना है कि ठीक होने के बाद सरताज और दानिश ही यह निर्णय लेंगे कि वे कहां जाना चाहते हैं। सरताज के चाचा अफजाल ने बताया कि वह अपनी पत्नी के लिए नोएडा-दिल्ली में घर तलाश रहा है।

सरताज की पत्नी कहां रहेगी। यह अभी निश्चित नहीं हो पाया है।

दानिश को सब याद पर खामोश

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सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल के आईसीयू में भर्ती दानिश ने मंगलवार को मीडिया से बात की। दानिश को सब कुछ याद है लेकिन बिसाहड़ा में क्या हुआ था, यह पूछने पर वह खामोश हो गया।


इसके बाद डॉक्टरों ने उससे इस तरह से सवाल पूछने से रोक दिया। डॉक्टर और मीडिया के सवालों के जवाब उसने देर से दिए। काफी कुछ वह समझ भी नहीं पा रहा था। वहीं, मंगलवार को डॉक्टरों के सहयोग से वह आईसीयू में दस कदम भी चला।

न्यूरोसर्जन डॉ. वरुण भार्गव ने बताया कि ऑपरेशन में उसके दिमाग के बाएं फ्रंटल लोब का कुछ हिस्सा निकाल दिया गया है। इससे सोचने समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। जिस तरह से उसने जवाब दिए हैं, उससे स्पष्ट है कि उसकी याददाश्त ठीक है।

दानिश ने पानी और जूस भी पिया। उसे जल्द ही ठोस खाद्य पदार्थ भी दिया जाएगा। बुधवार को उसे हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) में शिफ्ट किया जा सकता है। 48 घंटे उसके लिए अहम है। एनेस्थीसिया विभाग के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. अनिल गुरनानी ने बताया कि जब तक दानिश स्वस्थ नहीं हो जाता है, पुलिस को पूछताछ की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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