Tillu Tajpuriya: 'गोगी भाई का बदला ले लिया, अब चाहे फांसी हो जाए', चारों आरोपी अब हंसते हुए कह रहे ये बात
आरोपियों का कहना है कि गोगी भाई की मौत का बदला लेने के लिए गिरोह का हर सदस्य शातिर व पागल हो रहा था। गोगी गिरोह के वर्तमान सरगना दीपक बॉक्सर के जेल में आने के बाद गिरोह के सदस्यों का हौसला बढ़ गया था।
विस्तार
देश की सबसे बड़ी तिहाड़ जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में गैंगस्टर सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की हत्या करने वाले आरोपी अब कह रहे है कि जितेंद्र गोगी भाई का बदला ले लिया...अब चाहे उन्हें फांसी हो जाए। इस दौरान उनके चेहरे पर मुस्करान बराबर बनी रहती है। आरोपियों का कहना है कि गोगी भाई की मौत का बदला लेने के लिए गिरोह का हर सदस्य शातिर व पागल हो रहा था। गोगी गिरोह के वर्तमान सरगना दीपक बॉक्सर के जेल में आने के बाद गिरोह के सदस्यों का हौसला बढ़ गया था। आरोपियों ने खुलासा किया है कि टिल्लू की हत्या की साजिश दो दिन पहले रची गई थी।
तिहाड़ की हाई सिक्योरिटी सेल में गोगी गिरोह के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा (30), दीपक उर्फ तीतर (31), राजेश (42) और रियाज खान (39) ने गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की चाकूनुमा जैसी धारदार चीजों से 92 से अधिक वार कर मंगलवार सुबह हत्या कर दी थी। पश्चिमी जिले की हरी नगर थाना पुलिस ने इस मामले में हत्या (302), हत्या का प्रयास (307) आदि धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार चारों आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। इसके लिए कोर्ट में बुधवार को प्रोडक्शन वारंट लगा दिया गया है।
कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही आरोपियों को रिमांड पर लाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। हरी नगर थाने के पुलिस अधिकारियों ने चारों आरोपियों ने तिहाड़ जेल में जाकर शुरुआती पूछताछ की है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चारों आरोपियों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। आरोपी हंसते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने गोगी भाई की हत्या का बदला ले लिया। अब चाहे उन्हें फांसी हो जाए।
गोगी की हत्या के बाद गिरोह के हर सदस्य का मिशन बन गया था
जितेंद्र गोगी की रोहिणी कोर्ट में हत्या के बाद गिरोह का हर सदस्य पागल जैसा हो गया था। गिरोह का हर सदस्य इतना शातिर हो गया था कि वह किसी भी कीमत पर गोगी की हत्या का बदला लेना चाहते थे। गिरोह के हर सदस्य का बदला लेना एक मिशन बन गया था। हर सदस्य पागल सा हो रहा था।
दो दिन पहले ही रची थी हत्या की साजिश
मुख्य आरोपी योगेश टुंडा ने बताया कि टिल्लू की हत्या की पूरी साजिश दो दिन पहले रची गई थी। इसके लिए सीढ़ियों की ग्रिल में लगी लोहे की चार पत्तियों को निकाला गया था। इन पत्तियों को घिस कर उन्हें चाकू का आकार दिया गया। मंगलवार सुबह जैसे ही मौका लगा ये टिल्लू की सेल में कूद गए।
रोहित की चक्की में घुस गया था टिल्लू
चारों आरोपी जब पहली मंजिल से टिल्लू की सेल में कूदे तो टिल्लू को लग गया था कि ये उसे मार देंगे। वह खुद को बचाने के लिए उधर-इधर भागता रहा। आखिर में वह रोहित की चक्की में घुस गया। उसके गिरोह का सदस्य रोहित की चक्की बराबर में थी। आरोपी वहां भी पहुंच गए और चाकूनुमा पत्तियों से टिल्लू पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया था। सेल की सुरक्षा में तैनात जवान वहां खड़े होकर तमाशा देखते रहे।
गैंगवार की थी आशंका, कई बार बदली जेल
तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने बताया कि रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद गैंगवार की आशंका बढ़ गई थी। कुछ महीनें से जेल व उसके बार भी गैंगवार होने की संभावना भी जताई जाने लगी थी। इस कारण टिल्लू व गोगी गिरोह के सदस्यों की जल्दी-जल्दी जेल बदली जा रही थीं। बताया जा रहा है कि टिल्लू व अन्य लोगों की कुछ ही महीनों में तीन बार जेल बदल दी गई थी।
तिहाड़ की सुरक्षा व रणनीति पर उठे सवाल
हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगस्टर टिल्लू की हत्या के बाद तिहाड़ प्रशासन की हर जगह आलोचना हो रही है। तिहाड़ की सुरक्षा व रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। एक तो जब आरोपी टिल्लू की हत्या कर रहे थे तो उस समय सुरक्षाकर्मियों ने उसे बचाया क्यों नहीं। वह खड़े-खड़े क्यों देखते रहे। दूसरा तिहाड़ प्रशासन की नासमझी भी सामने आती है कि जब गोगी गिरोह के सदस्य टिल्लू की हत्या करने की फिराक में घूम रहे थे तो इनको एक ही जेल व सेल में रखने का क्या मतलब था।
तिहाड़ प्रशासन जानता था ये बात
प्रशासन को ये अच्छी तरह पता था कि गोगी गिरोह के सदस्य टिल्लू तक आसानी पहुंच सकते है तो फिर उन्हें पहली मंजिल पर क्यों रखा। खैर लीपापोती के लिए तिहाड़ प्रशासन ने जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया है। तिहाड़ डीजी संजय बेनीवाल खुद जांच पर नजर रखे हुए हैं।