{"_id":"62d84b0a4f5910774f24030d","slug":"tikris-temporary-apple-market-will-get-rid-of-jam-and-pollution-of-azadpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: आजादपुर को जाम और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति, टिकरी में बनेगी अस्थाई सेब मंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: आजादपुर को जाम और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति, टिकरी में बनेगी अस्थाई सेब मंडी
Thu, 21 Jul 2022 12:18 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 21 Jul 2022 12:18 AM IST
सार
टिकरी में मंडी तैयार होने के बाद आजाद पुर मंडी में आने वाले 300-400 ट्रक बाहरी दिल्ली में ही रुक जाएंगे। इससे न केवल रिंग रोड स्थित आजादपुर में लगने वाला 5-6 घंटे का जाम खत्म होगा बल्कि प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
टिकरी में बन रही अस्थाई सेब मंडी का मुआयना करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आजादपुर मंडी में सेब की आवक को देखते हुए बाहरी दिल्ली के टिकरी में अस्थाई सेब मंडी का निर्माण किया जा रहा है। यह मंडी अगले तीन महीने में बनकर तैयार हो जाएगी। जहां 400 ट्रक रोजाना विभिन्न राज्यों से लेकर आ सकेंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा ट्रैफिक जाम में उलझने वालों को होगा। आजादपुर मंडी के आसपास जाम की समस्या नहीं होगी, क्योंकि प्रतिदिन आने वाले ट्रक बाहरी दिल्ली में ही रूक जाएंगे।
विज्ञापन
टिकरी में मंडी तैयार होने के बाद आजाद पुर मंडी में आने वाले 300-400 ट्रक बाहरी दिल्ली में ही रुक जाएंगे। इससे न केवल रिंग रोड स्थित आजादपुर में लगने वाला 5-6 घंटे का जाम खत्म होगा बल्कि प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। आजादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने बताया कि दिल्ली के लिए प्रदूषण और जाम बड़ी समस्या है। इससे बचने के लिए अस्थाई सेब मंडी बनाने का फैसला लिया गया है। नवंबर तक यह मंडी बनकर तैयार होगी और ट्रकों की आवाजाही आजादपुर तक नहीं होगी। बुधवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे आदिल ने अधिकारियों को सभी सुरक्षा मानको को सख्ती से पालन करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
टिकरी में बनेगी अस्थाई सेब मंडी
-सेब मंडी को 11 हजार वर्ग फुट में तैयार किया जा रहा है।
-इसके बनने का बाद दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर भारत में आसानी से सेब की सप्लाई हो सकेगी।
-ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे जाम से मुक्ति मिलेगी।
-किसानों की फसल घंटो मंडी के रास्तों में फंस कर खराब होने का खतरा नहीं रहेगा।