तिहाड़ में लगा जैमर तो बाहरवालों की बढ़ गई परेशानी
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तिहाड़ जेल में लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए जैमर का ज्यादा प्रभाव आसपास के इलाकों और स्टाफ क्वार्टर पर दिख रहा है। जनकपुरी सी-5 ब्लॉक आरडब्ल्यूए ने जेल प्रशासन से इसकी शिकायत की है। उन्होंने मोबाइल पर बातचीत करने में दिक्कत का हवाला देते हुए जैमर की फ्रिक्वेंसी कम करने का आग्रह किया है।
तिहाड़ जेल क्वार्टर में रहने वाले कर्मियों की भी शिकायत है कि जैमर की वजह से मोबाइल पर बातचीत करना मुश्किल है। जबकि, बेसिक फोन पर बातचीत हो जाती है। इसके अलावा, तिहाड़ के आसपास बने मकानों में रह रहे लोगों की भी यही शिकायत है।
बता दें कि तिहाड़ के सभी एक से नौ तक की जेलों में जैमर लगाए गए हैं, ताकि जेल के अंदर से मोबाइल पर बातचीत न हो सके। इसके बावजूद तिहाड़ जेल में मोबाइल पर बातचीत होती है।
जेल में कई जगह जैमर फेल
कई बार कैदियों के पास से मोबाइल फोन भी बरामद किया जा चुका है। सबसे ज्यादा मोबाइल फोन जेल संख्या एक और चार से बरामद किए गए हैं। क्योंकि, ये दोनों ही जेल सड़क के साथ-साथ लगी है।
सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ में जिस जगह पर मोबाइल जैमर लगे हैं, उसके आसपास तो मोबाइल पर बातचीत नहीं हो पाती। लेकिन, तिहाड़ में कई ऐसी जगह हैं, जहां जैमर काम नहीं करता।
कैदी उन्हीं जगहों का इस्तेमाल मोबाइल पर बातचीत करने में करते हैं। हालांकि, जेल प्रशासन ने अदालत में शपथ-पत्र दिया है कि तिहाड़ में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।