तिहाड़ कैदी की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा
तिहाड़ जेल के एक कैदी की मौत पर पीड़ित परिजनों ने तिहाड़-प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया है। वहीं मौत के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं होने पर परिजनों ने नाराजगी व्यक्त की और सोमवार को डीडीयू अस्पताल में हंगामा किया।
न्यायिक हिरासत में मौत की वजह से मामले की न्यायिक जांच के भी आदेश दिए गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में तिहाड़ जेल संख्या चार में बंद राशिद (25) को गंभीर स्थिति में 21 दिसंबर को हरी नगर के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान शनिवार को राशीद की मौत हो गई। मौत की सूचना पीड़ित परिजनों को भी दे दी गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू के पोस्टमार्टम घर में शव को रखवा दिया गया।
रविवार को छुट्टी की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। सोमवार को जब पोस्टमार्टम के लिए शव को निकाला गया तब पता लगा कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं और गले पर भी गहरा निशान दिखा।
'शराब का सेवन करता था प्रतिबंधित दवाओं का नहीं'
इसके बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि राशिद की मौत ड्रग्स के ओवर डोज से नहीं बल्कि उसके साथ मारपीट की गई है।
नाराज परिजनों ने डीडीयू अस्पताल के पोस्टमार्टम घर के सामने और सड़क पर सोमवार सुबह खूब हंगामा किया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। अब मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मेडिकल बोर्ड करेगा।
तिहाड़ जेल के एडिश्नल इंस्पेक्टर जनरल (एआईजी) मुकेश प्रसाद ने बताया कि हत्या सहित करीब पांच मामले में जेल बंद राशिद की मौत शनिवार को डीडीयू अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई।
राशिद वर्ष-2005 में भी तिहाड़ जेल में बंद हुआ था। वह ड्रग्स भी लेता था जबकि परिजनों का कहना है कि वह शराब जरुर पीता था लेकिन प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं करता था।