धन्यवाद रैली: आतंकी हमले की आशंका को लेकर थे पुख्ता इंतजाम, हेलीकॉप्टर से लगवाए सात चक्कर
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प्रधानमंत्री की धन्यवाद रैली के शांतिपूर्वक आयोजन के बाद दिल्ली पुलिस समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए पुलिस ने समारोह स्थल से लेकर आसपास के इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पहली बार निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। हेलीकॉप्टर ने आसमान में सात बार चक्कर लगाकर रैली स्थल व आसपास के इलाके की सुरक्षा को परखा। इस दौरान करीब पांच किमी दायरे में अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया था। समारोह स्थल से लेकर प्रधानमंत्री के पूरे रूट पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी गई।
रैली की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस के तीन हजार जवान और अर्धसैनिक बलों की 12 कंपनियां तैनात थीं। रैली स्थल से करीब पांच किलोमीटर के दायरे की सुरक्षा अर्धसैनिक बलों के जवानों के हवाले थी। प्रधानमंत्री के रैली स्थल और उनके रूट पर पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारियों की तैनाती थी। आयोजन स्थल पर 17 एंबुलेंस, एनडीआरएफ, अग्निशमन की आठ गाड़ियां सभी गेटों पर तैनात थीं। दिल्ली पुलिस के स्वाट कमांडो की टीम तुर्कमान गेट व अन्य रास्तों पर तैनात थी।
लोगों पर पैनी नजर रखने के लिए आरएएफ की इलेक्ट्रॉनिक आईवैन को लगाया गया था। रैली स्थल के पास डॉग स्क्वाड लगातार गहन जांच में जुटा था। ऊंची इमारतों पर एनएसजी के शार्प शूटर तैनात थे। इन इमारतों पर एंटी एयरक्राफ्ट गन भी लगाई गई थीं। ऊंची इमारतों से दूरबीन के जरिये निगरानी रखी जा रही थी। साथ ही एंटी ड्रोन गन भी लगाई गई थीं। किसी भी खतरे से निपटने के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम भी तैनात थी।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, रामलीला मैदान शनिवार रात ही कब्जे में ले लिया गया था। उसकी एंटी माइंस जांच के बाद डॉग स्क्वाड से पूरे परिसर की जांच कराई गई। एहतियात के तौर पर शनिवार को ही पहाड़गंज, करोल बाग, चांदनी चौक व पुरानी दिल्ली के होटलों और गेस्ट हाउस में ठहरने वालों के कागजात की जांच कर ली गई। इन जगहों पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहे।