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JNU: एबीवीपी के तीन छात्र नेताओं ने दिया इस्तीफा

Wed, 17 Feb 2016 11:32 PM IST
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:32 PM IST
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three student leaders of JNU ABVP to resign from their posts

जेएनयू में एबीवीपी के तीन पदाधिकारियों ने अफजल गुरु शहादत दिवस और देश विरोधी नारे लगाने मामले को लेकर उठे विवाद के बाद बुधवार देर शाम इस्तीफा दे दिया है।

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तीनों स्कूल ऑफ सोशल साइंस में एबीवीपी के पदाधिकारी थे और एमए इतिहास के प्रथम वर्ष के छात्र थे। तीनों ने अपना इस्तीफा फेसबुक पर अपलोड किया है।

जेएनयू कैंपस में एबीवीपी सेंट्रल यूनिट के संयुक्त सचिव प्रदीप मूलरूप से रोहतक के रहने वाले हैं और कुछ समय पहले ही एबीवीपी ज्वाइन किया था।

देश विरोधी नारे को कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता है

three student leaders of JNU ABVP to resign from their posts

प्रदीप ने अपने फेसबुक अकाउंट पर इस्तीफा अपलोड किया है। उसमें लिखा है कि मैं, प्रदीप, संयुक्त सचिव, एबीवीपी जेएनयू यूनिट; राहुल यादव, स्कूल ऑफ सोशल साइंस प्रेसीडेंट; और अंकित, हंस स्कूल ऑफ साइंस, एबीवीपी सेक्रेटरी अपने अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।

इस्तीफे के साथ उन्होंने कुछ कारण भी दिए हैं। अपने पोस्ट में लिखा कैंपस में ताजा विवाद के बाद जनता में संदेश जा रहा है कि जेएनयू को बंद कर दिया जाना चाहिए।

जिन लोगों ने देश विरोधी नारे लगाए वे जेएनयू का अंग नहीं है। हम लोकतंत्र में रहते हैं, जहां सभी को समान अधिकार है। कैंपस में देश विरोधी नारे को कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

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उक्त तीनों पदाधिकारियों ने दबाव में आकर इस्तीफा दिया

three student leaders of JNU ABVP to resign from their posts

जेएनयू का 80 फीसदी छात्र किसी भी संगठन या पार्टी से नहीं जुड़ा है। वो सभी मांग कर रहे हैं कि देश विरोधी नारे लगाने वालों को सजा दें, लेकिन कानून के दायरे में।  हम जेएनयू की संस्कृति व पहचान को बचाना चाहते हैं।

एबीवीपी के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा का कहना है कि स्कूल ऑफ सोशल साइंस वामपंथी विचारधारा का गढ़ माना जाता है। यहां शिक्षकों से लेकर छात्र भी वामपंथी हैं। उक्त तीनों पदाधिकारियों ने दबाव में आकर इस्तीफा दिया है।

क्योंकि उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करनी है और शिक्षक उनका भविष्य तबाह कर देंगे। कैंपस में एबीवीपी छात्रों में डर का माहौल है। हमारे छात्रों को वामपंथी छात्र व शिक्षक परेशान कर रहे हैं।

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