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फर्जी कागजात के जरिए विदेश भेजने वाले गिरोह का खुलासा, बरामद हुए 62 पासपोर्ट व 28 फर्जी स्टांप
Sun, 07 Apr 2019 10:54 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 07 Apr 2019 10:54 PM IST
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पकड़े गए पासपोर्ट
- फोटो : ANI
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इंदिरा गांधी इंटरनेशल (आईजीआई) एयरपोर्ट में पुलिस ने लोगों को फर्जी कागजात के जरिए विदेश भेजने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी एजेंट का काम करते हैं। आरोपी विदेश जाने वाले इच्छुक लोगों से लाखों रुपये लेकर उन्हें फर्जी इमीग्रेशन स्टांप और जाली दस्तावेज का इस्तेमाल कर विदेश भेजते थे।
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पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों ने अब तक कितने लोगों को विदेश भेज चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र सिंह, सौरव, मुकेश गोयल और सचिन कुमार के रूप में हुई है। वहीं, विदेश जा रहे करनाल निवासी दंपती की पहचान रविंद्र और उसकी पत्नी सुनीता कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार चारों एजेंट कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं। जितेंद्र का हर्बल प्रोडक्टर का कारोबार है, जबकि सौरव इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम का कोच है।
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एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि इनके पास से 62 पासपोर्ट और अलग-अलग तरह के 28 फर्जी स्टांप बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गत एक मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि एक दंपती फर्जी कागजात के जरिए कनाडा जाने के फिराक में है। एयरपोर्ट पर रविंद्र और उसकी पत्नी को रोककर कागजात की जांच की गई। उनके पासपोर्ट में इमीग्रेशन स्टांप लगी हुई थी, लेकिन इमीग्रेशन के पास यात्रियों का कोई डाटा उपलब्ध नहीं था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की और इस रैकेट में शामिल चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और गिरफ्तारी संभव है।
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ऐसे पकड़े गए सभी आरोपी
रविंद्र ने पूछताछ में बताया कि विदेश में बसने के इरादे से उसने सचिन नाम के एजेंट से संपर्क किया। सचिन उन्हें चंडीगढ़ ले गया और उनके दस्तावेज पर फर्जी इमीग्रेशन स्टांप लगवाई, जिससे यह लगे कि दोनों लगातार हवाई यात्रा करते हैं। इस सूचना पर पुलिस ने सचिन को गिरफ्तार कर लिया। सचिन ने पुलिस को बताया कि सौरव नाम के एजेंट ने दंपती के पासपोर्ट पर फर्जी इमीग्रेशन स्टांप लगाया था। वह कुरुक्षेत्र में एक इस्टीट्यूट चलाता है। उसके निशानदेही पर पुलिस ने सौरव को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 62 पासपोर्ट व छह फर्जी इमीग्रेशन स्टांप के साथ साथ विभिन्न बैंकों व नोटरी के 28 स्टांप मिले।
सौरव ने बताया कि उन्हें फर्जी स्टांप कुरुक्षेत्र निवासी मुकेश गोयल से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मुकेश और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि जितेंद्र गिरोह का सरगना है। वह विदेश जाने के इच्छुक लोगों को सचिन से मिलवाता था। बाद में सचिन मोहाली और कुरुक्षेत्र में अपने साथी एजेंट के जरिए फर्जी दस्तावेजों का इंतजाम करता था। सचिन मोहाली के एक इमीग्रेशन सर्विस फिलिंग एजेंट का काम करता था।