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15 दिन पुलिस की निगरानी में रहेंगे आम्रपाली समूह के तीनों अधिकारी, अवमानना नोटिस जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 Oct 2018 07:03 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह के प्रवर्तक और दो निदेशकों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलना चाहिए? शीर्ष अदालत ने तीनों को शुक्रवार सुबह 8 बजे नोएडा पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है। अगले 15 दिन तीनों पुलिस की निगरानी में रहेंगे।
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न्यायमूर्ति यूयू ललित और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने समूह के प्रवर्तक अनिल कुमार शर्मा और दो निदेशकों शिव प्रिया व अजय कुमार को चार हफ्ते में अवमानना नोटिस का जवाब देने को कहा है। तीनों शुक्रवार सुबह नोएडा सेक्टर-58 थाने के एसएचओ के समक्ष पेश होंगे। अगले 15 दिन तक तीनों नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सील किए गए सात परिसरों में रखे दस्तावेजों को क्रमवार सूचीबद्ध करेंगे। साथ ही फॉरेंसिक एक्सपर्ट को जरूरी दस्तावेज मुहैया कराएंगे।
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पीठ ने कहा है कि एक समय में एक ही परिसर को खोलकर वहां के दस्तावेजों को सूचीबद्ध किया जाएगा। यह कार्रवाई फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में होगी। दस्तावेजों को सूचीबद्ध करने का काम सुबह 8 से शाम 6 बजे तक होगा। इसके बाद तीनों को नोएडा सेक्टर-62 के होटल पार्क एसेंट में रखा जाएगा।
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नहीं रख सकेंगे मोबाइल
होटल में रहने के दौरान तीनों के पास मोबाइल नहीं होगा। इस दौरान न तो कोई उनके मिलने आ सकेगा और न ही तीनों किसी से टेलीफोन पर बात कर सकेंगे। हालांकि, सुबह 8 से शाम 6 बजे के बीच वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकेंगे। तीनों दस्तावेजों को सूचीबद्ध करने के काम में अपने कर्मचारी व अन्य की मदद ले सकते हैं। पीठ ने दो फॉरेंसिक ऑडिटर रवि भाटिया और पवन कुमार अग्रवाल को समूह की सभी 46 कंपनियों के बैंक खाते, बैलेंस सीट समेत सभी दस्तावेजों की जांच 10 हफ्ते में पूरा करने का निर्देश दिया है।
बिहार के दो परिसर भी सील
इससे पहले आम्रपाली समूह ने पीठ को जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत नोएडा व ग्रेटर नोएडा की सात संपत्तियों तथा बिहार के दो परिसरों को सील कर दिया गया है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सात परिसरों को सील करने का काम गुरुवार को पूरा कर लिया गया था।
कोर्ट के आदेश का किया उल्लंघन
सुनवाई के दौरान फ्लैट खरीदारों के वकील एमएल लाहौटी ने कहा कि समूह के प्रमोटर और दो निदेशकों ने अदालत के आदेश का लगातार उल्लंघन किया है। पिछले करीब एक वर्ष से समूह लगातार अदालती आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। वे अदालत के समक्ष गलतबयानी कर रहे हैं। तीनों को पुलिस हिरासत में रखा जाना चाहिए।
हिरासत में रखने के पक्ष में था कोर्ट
शुरुआत में पीठ तीनों को पुलिस हिरासत में रखने के पक्ष में थी। इस पर आम्रपाली के वकील आलोक अग्रवाल ने कहा कि तीनों को हिरासत में रखने के बजाय निगरानी में रखा जा सकता है। पीठ ने आग्रह स्वीकार कर तीनों को 15 दिन तक घर के बजाय पुलिस निगरानी में होटल में रखने का निर्देश दिया।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट का आरोप
फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने पीठ को बताया कि उनके लिए दस्तावेजों को सूचीबद्ध करना संभव नहीं है। साथ ही आरोप लगाया कि आम्रपाली समूह ने अब तक मांगे गए दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं। पीठ ने कहा कि दस्तावेजों को क्रमवार सूचीबद्ध करने का काम समूह का है।
बिहार के दो परिसर भी सील
इससे पहले आम्रपाली समूह ने पीठ को जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत नोएडा व ग्रेटर नोएडा की सात संपत्तियों तथा बिहार के दो परिसरों को सील कर दिया गया है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सात परिसरों को सील करने का काम गुरुवार को पूरा कर लिया गया था।
कोर्ट के आदेश का किया उल्लंघन
सुनवाई के दौरान फ्लैट खरीदारों के वकील एमएल लाहौटी ने कहा कि समूह के प्रमोटर और दो निदेशकों ने अदालत के आदेश का लगातार उल्लंघन किया है। पिछले करीब एक वर्ष से समूह लगातार अदालती आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। वे अदालत के समक्ष गलतबयानी कर रहे हैं। तीनों को पुलिस हिरासत में रखा जाना चाहिए।
हिरासत में रखने के पक्ष में था कोर्ट
शुरुआत में पीठ तीनों को पुलिस हिरासत में रखने के पक्ष में थी। इस पर आम्रपाली के वकील आलोक अग्रवाल ने कहा कि तीनों को हिरासत में रखने के बजाय निगरानी में रखा जा सकता है। पीठ ने आग्रह स्वीकार कर तीनों को 15 दिन तक घर के बजाय पुलिस निगरानी में होटल में रखने का निर्देश दिया।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट का आरोप
फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने पीठ को बताया कि उनके लिए दस्तावेजों को सूचीबद्ध करना संभव नहीं है। साथ ही आरोप लगाया कि आम्रपाली समूह ने अब तक मांगे गए दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं। पीठ ने कहा कि दस्तावेजों को क्रमवार सूचीबद्ध करने का काम समूह का है।