तीन लड़कियों की नोएडा से आने वाली थी बारात, पहुंची पुलिस तो रुक गया सारा इंतजाम
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सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के बावजूद औद्योगिक नगरी मेें बाल विवाह की कुरीति समाप्त नहीं हो पा रही है। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने बालिका वधु बनने जा रही चार कन्याओं का विवाह रुकवाया है। एक लड़की का होने वाला जीवन साथी भी नाबालिग है।
पुलिस की मदद से विवाह रुकवाने के बाद महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक ने लड़का और लड़की पक्ष की काउंसलिंग कर बाल विवाह की बुराइयां और कानूनन मिलने वाली सजा के बारे में बताया। सभी पक्षों ने कन्या की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 वर्ष होने तक शादी नहीं करने की शपथ ली।
महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक ने बताया कि उन्हेें सूचना मिली कि सेक्टर 55 थाना क्षेत्र के गांव गोठरा मोहब्बताबाद में तीन नाबालिग लड़कियों का विवाह होने वाला है। तीनों लड़कियों की बारात 16 फरवरी को नोएडा (यूपी) से आने वाली है।
बल्लभगढ़ थाना क्षेत्र के फतेहपुर बिल्लौच में रहने वाली एक नाबालिग लडक़ी की बारात भी 18 फरवरी को आने की जानकारी हुई। पता चला कि इस लड़की का दूल्हा भी नाबालिग है।बुधवार को वह सेक्टर 55 थाना इंचार्ज प्रीतपाल सांगवान के साथ गोठरा मोहब्बताबाद पहुंचीं और इन लड़कियों के घर पहुंच कर पूरी जानकारी ली।
फोन कर बारात आने से रुकवाया
लड़कियों के माता-पिता को समझाया गया कि बाल विवाह गैर कानूनी है इसमें वर और वधु पक्ष के लोग जेल जा सकते हैं। कम उम्र में विवाह करने से कन्या के शारीरिक और मानसिक विकास को होने वाले नुकसान की भी जानकारी वैज्ञानिक ढंग से दी गई।
इस पर तीनों लड़कियों के परिवार वाले बालिग होने तक विवाह रोकने पर राजी हो गए। हेमा कौशिक ने जहां से इन तीनों के बारात आनी थी उन लोगों को भी फोन कर विवाह रोकने के लिए समझाया।
इसके बाद बल्लभगढ़ थाने की पुलिस के साथ फतेहपुर बिल्लौच पहुंचीं। वहां भी कन्या के माता पिता को समझा बुझा कर विवाह न करने के लिए राजी किया। सेक्टर 11 में रहने वाले कन्या के नाबालिग दूल्हे के परिजनों को भी समझाया गया।
महिला एंव बाल संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक ने बताया कि सभी पक्षों ने थाने में आकर लड़के-लड़की की कानूनी रूप से शादी की उम्र नहीं हो जाने तक विवाह नहीं करने का शपथ पत्र दिया है।