{"_id":"5ef74bb28ebc3e4320275bf2","slug":"three-khalistani-sympathisers-arrested-by-delhi-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्पेशल सेल ने खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के तीन कथित आतंकियो को किया गिरफ्तार, नेता व बड़ी हस्तियां थी निशाने पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्पेशल सेल ने खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के तीन कथित आतंकियो को किया गिरफ्तार, नेता व बड़ी हस्तियां थी निशाने पर
Sat, 27 Jun 2020 07:07 PM IST
Vikas Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 27 Jun 2020 07:07 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करने वाली खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट(केएलएफ) के तीन कथित आतंकियों को गिरफ्तार किया है। शुरूआती पूछताछ में पता चला है कि इन्हें दिल्ली में आतंकी घटना को अंजाम देना था। इनके निशाने पर दिल्ली व उत्तर भारत के नेता सहित कई बड़ी हस्तियां थी। तीनों बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के फिराक में जुटे थे। इनपर कई लोगों से जबरन वसूली करने का आरोप है।
विज्ञापन
पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने बताया कि गिरफ्तार कथित आतंकियों की पहचान दिल्ली के निलोठी एक्सटेंशन चंदर विहार निवासी मोहिंदर पाल सिंह, पंजाब के मनसा निवासी गुरतेज सिंह और हरियाणा के कैथल निवासी लवप्रीत के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने तीन पिस्टल और सात कारतूस बरामद किए हैं।
विज्ञापन
पुलिस उपायुक्त के मुताबिक मोहिंदर पाल सिंह की गतिविधियों के बारे में स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि वह उत्तर भारत में आतंकी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा है। सूचना के आधार पर स्पेशल सेल की एक टीम इसकी निगरानी कर रही थी। 15 जून को हस्तसाल के पास मोहिंदर को गिरफ्तार कर लिया। इसने खुद को मूलत: जम्मू कश्मीर के बारामूला स्थित दीवानबाग का रहने वाला बताया। इसके निशानदेही पर अन्य दो आरोपियों को कैथल और मनसा से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
आईएसआई ने नए युवाओं को भर्ती करने के लिए कहा था
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वह आईएसआई के एक शख्स अब्दुला के संपर्क में थे, जिसने उन्हें पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण देने के लिए नए युवाओं की भर्ती करने के निर्देश दिए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरतेज ने लवप्रीत और कुछ अन्य लोगों को पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण के लिए राजी कर लिया था। उन्हें पाकिस्तान सीमा पर चल रहे पाकिस्तानी प्रशिक्षण शिविर में जाना था। लेकिन लॉकडाउन के कारण नहीं जा पाए थे। कथित आंतकियों ने बताया कि वह खालिस्तान आंदोलन के कट्टर समर्थक हैं। इन लोगों ने कुछ नेताओं, राम रहीम के एक अनुयायी और कुछ वीआईपी की पहचान कर ली थी जिनपर हमला करना था।