Delhi: मुरथल से पराठे खाकर लौट रहे तीन दोस्तों को ट्रक ने टक्कर मारी, दो की मौत; एक लड़ रहा जिंदगी की जंग
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से टक्कर मारने वाले वाहन चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने रविवार को ही अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों के हवाले कर दिए हैं।
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बाहरी-उत्तरी दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में रविवार तड़के बाइक सवार तीन दोस्तों को अज्ञात ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में तीनों ही गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां दो दोस्तों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की शिनाख्त सुभाष (26) और संजय यादव (21) के रूप में हुई है।
इनके तीसरे दोस्त की हालत नाजुक होने पर सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया है। दरअसल तीनों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर किराड़ी के प्रेम नगर से पराठा खाने मुरथल गए थे। वहां से वापस लौटते समय इनको अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। मौके पर पहुंची शाहबाद डेयरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से टक्कर मारने वाले वाहन चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने रविवार को ही अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों के हवाले कर दिए हैं। हादसे के बाद दोनों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं आकाश की सेहत के लिए परिजन दुआएं कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक सुभाष और संजय दोनों ही अपने-अपने परिवारों के साथ प्रेम नगर किराड़ी के यू-ब्लॉक में रहते थे। इनका दोस्त भी प्रेम नगर में ही रहता है। सुभाष की बहन ने जानकारी दी कि शनिवार रात को दोस्तों का मुरथल पराठे खाने जाने का प्लान बना था। उसने भाई व उसके दोस्तों को रोका भी, लेकिन वह नहीं माने।
इस बीच सुबह करीब छह बजे चचेरे भाई ने पहले सड़क हादसे की खबर दी। बाद में उसकी मौत की खबर आ गई। सुभाष की पत्नी की मौत हो चुकी है, उसके परिवार में अब बस डेढ़ साल की बेटी व बहन बचे हैं। वहीं संजय के परिवार में माता-पिता व दो बहनें हैं। संजय बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था।
बाहरी-उत्तरी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त भरत रेड्डी ने बताया कि मरथुल से वापस लौटते समय महादेव चौक, शाहबाद डेयरी के पास इनकी बाइक को किसी ट्रक ने टक्कर मारी। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की ट्रक चालक की पहचान के प्रयास कर रही है। जल्द ही आरोपी को दबोच लिया जाएगा।
डेढ़ साल की बेटी के सिर से उठा पिता का साया...
सुभाष के घर में मातम का माहौल था। डेढ़ साल की नन्ही सी मासूम को पता भी नहीं था कि उसके पिता हमेशा के लिए चले गए हैं। छह माह पूर्व सुभाष की पत्नी की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। अब मासूम के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया। सुभाष पीरागढ़ी स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता था।
बेटे की मौत की खबर सुनकर संजय के पिता पहुंचे दिल्ली...
संजय परिवार में इकलौता बेटा था। इकलौते बेटे की मौत की खबर के बाद वह बेसुध थे। संजय ग्रेजुएशन करने के बाद कोई प्रोफेशनल कोर्स कर नौकरी करना चाहता था। पिता रामा शंकर यादव राजस्थान में नौकरी करते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही वह दिल्ली पहुंचे। घर पर रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ था।