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कारगिल के योद्धा भी किसानों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे, कहा- आने वाले दिनों में करेंगे संसद का घेराव
Sat, 26 Dec 2020 10:32 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 26 Dec 2020 10:32 PM IST
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कारगिल युद्ध में शामिल हुए तीन सैनिक किसानों समर्थन देने पहुंचे गाजीपुर बॉर्डर
- फोटो : amar ujala
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1999 के कारगिल युद्ध में शामिल हुए तीन सैनिक शनिवार को किसानों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील की। यह सैनिक अभी भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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मंच से किसानों को संबोधित करते हुए हवलदार अब्दुल ने कहा कि नए कृषि कानूनों से किसानों को कई प्रकार की समस्या होगी। छोटे किसान को दो वक्त की रोटी मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द कानूनों को वापस ले लेना चाहिए।
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करीब 10 दिन से गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद पूर्व सैनिक अनुराग लठवाल ने कहा कि यह तीनों सैनिक कारगिल युद्ध के दौरान उनके साथ थे। इनमें से एक सैनिक संजीव कुमार युद्ध के खत्म होने के बाद सीमा के पास से लैंड माइन को हटा रहे थे इसी दौरान एक धमाके की चपेट में आने से उनके दोनों पैर खराब हो गए थे। व्हील चेयर पर होने के बावजूद भी उनके साथी किसानों के समर्थन में यहां पहुंचे हैं। उनके तीनों साथी अभी भी भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं।
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लठवाल ने कहा कि वह वेटरन्स इंडिया नामक पूर्व सैनिकों के संगठन से जुड़े हुए हैं और इस संगठन में राष्ट्रीय संयुक्त सचिव हैं। उनका कहना है कि सरकार को किसानों की सभी मांगे मान लेनी चाहिए और इन तीनों कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो आने वाले दिनों में देश के पूर्व सैनिक संसद का घेराव करेंगे।